राधास्वामी मत के संस्थापक परम पुरुष पूरन धनी हजूर महाराज के सुपुत्र परम पुरुष पूरन धनी लाला जी महाराज हुए। लाला जी महाराज के सुपुत्र परम पुरुष पूरन धनी कुंवर जी महाराज के दो सुपुत्र हुए। पहले पुत्र कुंवर प्रेम प्रसाद जी का जन्म सन 1902 में हुआ और आपने एक बरस की उम्र में ही संसार का त्याग कर दिया। दूसरे पुत्र कुंवर आनंद प्रसाद जी (पूज्य बाबूजी) थे, जिनका जन्म 1906 ईस्वी में हुआ। आपका विवाह 1926 ईसवी में खुर्जा निवासी श्री लक्ष्मी नारायण जी माथुर की ज्येष्ठ सुपुत्री श्रीमती जगदंबा देवी (पूज्य बउआ जी) से संपन्न हुआ। कुंवर आनंद प्रसाद जी ने कुछ समय डाकखाने में नौकरी की लेकिन उन्होंने अपना अधिकतर समय परमार्थ में लगा दिया। 51 वर्ष की अल्पायु में ही वे सन् 1957 में निज धाम सिधारे। उनके चार पुत्र और चार पुत्रियां हुई। पुत्रों में सबसे बड़े दादा जी महाराज जिनका जन्म 1930 में हुआ। दूसरे पुत्र डॉ. सत्यप्रकाश जिनका जन्म 1932 ईस्वी में, तीसरे पुत्र इंजीनियर स्वामी प्रसाद जिनका जन्म सन 1935 ईस्वी में और चौथे पुत्र रामप्रसाद जिनका सन 1938 ई. में हुआ। पुत्रियों में सबसे बड़ी शिरोमणि रानी का जन्मदिन 1938 ई. में, दूसरी संतोष रानी का जन्म 1930 ईस्वी में, तीसरी सरोज रानी का जन्म 1937 में तथा चौथी नवीन रानी का जन्म सन 1942 ईस्वी में हुआ।
दादा जी महाराज का विवाह 15 फरवरी सन 1956 ईस्वी को सुश्री उषा माथुर से हुआ जो एक संभ्रांत, सुसंस्कृत, सुशील व योग्य महिला थी। उन्होंने पारिवारिक दायित्वों का कुशलतापूर्वक निर्वहन किया। दादाजी महाराज के तीन संतानें हुईं, जिनमें एक पुत्री श्री वीरा एवं दो पुत्र क्रमशः डॉ. अंचित व डॉ. अतुल हुए। डॉ. अचिंत कुमार ने सन 1998 ईस्वी में निजधाम जाने की मौज फरमाई।
सुपुत्री वीरा माथुर का विवाह इंजीनियर सुरेंद्र कुमार माथुर से हुआ। उनकी सुपुत्री सुश्री अर्जिता का विवाह श्री सुमत गुप्ता से हुआ, इनके एक पुत्र प्रेम है। डॉ. अचिन्त कुमार का विवाह सुश्री कविता माथुर से हुआ। उनके पुत्र इंजीनियर सुमिर माथुर तथा पुत्री सुश्री सलोनी माथुर हैं। इंजीनियर सुमिर का विवाह सुश्री अनुकंपा से हुआ। डॉक्टर अतुल माथुर का विवाह सुश्री दीपा माथुर से हुआ। उनकी दो पुत्रियां सुश्री सुरीती एवं सुश्री सुहानी माथुर तथा एक पुत्र एडवोकेट सरस माथुर हैं। सुश्री सुरीति माथुर के सुपुत्र दीप हैं।
दादाजी के छोटे भाई डॉक्टर शब्द प्रकाश बुंदेलखंड कॉलेज झांसी में अर्थशास्त्र विभाग के अध्यक्ष थे। उनका विवाह श्रीमती सुमन माथुर से हुआ। उनके एक पुत्र इंजीनियर विवेक माथुर एवं एक पुत्री सुश्री अमृता माथुर हैं। इंजीनियर विवेक माथुर यूपीएसआरटीसी में महाप्रबंधक के पद पर कार्यरत हैं। उनका विवाह सुश्री इन्दु माथुर से हुआ। उनके एक पुत्र सरल और एक पुत्री सुरीली हैं। पुत्री सुश्री अमृता का विवाह डॉ. अश्वनी कुमार से हुआ और उनकी एक पुत्री मल्लिका है। डॉ. शब्द प्रसाद एवं श्रीमती सुमन माथुर ने राधा स्वामी दयाल के चरणों में बासा पाया।
दादाजी के मँझले ले भाई इंजीनियर स्वामी प्रसाद भिलाई स्टील प्लांट भिलाई में मुख्य अधीक्षक के पद पर रहे हैं। उनकी पत्नी श्रीमती परेशा माथुर हैं। उनकी तीन पुत्रियां क्रमशः सुमति, निधि तथा ज्योति हैं। सुश्री सुमति का विवाह इंजीनियर निर्मल सहाय से हुआ। उनकी एक पुत्री लतिका व एक पुत्र पल्लव हैं। सुश्री निधि का विवाह श्री सुमित माथुर से हुआ। उनके दो पुत्र यश व अमी हैं। सुश्री ज्योति का विवाह इं. अनुराग श्रीवास्तव से हुआ। उनकी एक पुत्री झलक है। इंजीनियर स्वामी प्रसाद एवं श्रीमती परेशानी परेशा माथुर ने राधास्वामी दयाल के चरनों में बासा पाया।
दादाजी के सबसे छोटे भाई डॉ. सरन प्रसाद जी, एमडी ने दिल्ली प्रशासन में उच्च पदों पर कार्य किया तथा अब आगरा में ही परामर्श एवं काय चिकित्सक हैं। उनकी पत्नी श्रीमती अनुराधा माथुर हैं। इं. आलोक माथुर टेल्को, मुंबई में महाप्रबंधक हैं, उनका विवाह सुश्री लीना से हुआ और उनके दो पुत्र सुश्री अधर तथा श्री अनहद हैं। बड़ी पुत्री परज का विवाह ग्रुप कमांडर विपुल माथुर से हुआ और उनके एक पुत्र अपूर्व और एक पुत्री आरती है। उनकी छोटी पुत्री डॉ. स्वाति माथुर डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय के प्रबंध संस्थान में प्रवक्ता हैं।
दादाजी महाराज की बड़ी बहन श्रीमती शिरोमणि का विवाह आनंद मोहन लाल माथुर जी से हुआ जो राजस्थान विश्वविद्यालय में रजिस्ट्रार के पद पर थे। उनकी पुत्री सुश्री अनुकंपा का विवाह कर्नल बी एल माथुर के साथ हुआ। उनके दो पुत्रियां अनुरक्ति और आस्था हैं। दो पुत्रों में डॉक्टर अनादि माथुर का विवाह सुश्री मिनी के साथ हुआ और उनके एक बेटा आधार है। दूसरे पुत्र अवकाश प्राप्त मेजर जनरल अनुज माथुर का विवाह सूची मधु से हुआ। उनके दो बेटे अभिनव और अनंत हैं। बहन श्रीमती शिरोमणि तथा बहनोई श्री आनंद मोहन लाल माथुर ने राधास्वामी दयाल के चरणों में बासा पाया।
दादाजी की मंझली बहन श्रीमती संतोष का विवाह इंजीनियर राजेंद्र दयाल जी मुख्य अभियंता (अवकाश प्राप्त) जल निगम, लखनऊ के साथ हुआ। उनकी तीन पुत्रियां क्रमशः सुश्री अल्पना, दीप्ति, साधना व एक पुत्र श्री अनुराग दयाल हैं। श्री राजेंद्र दयाल जी ने राधास्वामी दयाल के चरनों में बासा पाया। पुत्री सुश्री अल्पना का विवाह श्री राकेश माथुर से हुआ। उनके दो पुत्र प्रखर व अर्पित और एक पुत्री खुशबू हैं। दूसरी पुत्री सुश्री दीप्ति का विवाह श्री अनामी बजाज से हुआ उनके एक पुत्र और एक पुत्री अंजली है। तीसरी पुत्री सुश्री साधना का विवाह श्री आलोक माथुर से हुआ। उनके एक पुत्र अंकुर और एक पुत्री स्वरिल हैं। पुत्र श्री अनुराग दयाल का विवाह सुश्री मधु से हुआ। उनके दो पुत्र प्रतीक और पुलकित हैं।
छोटी बहन श्रीमती सरोज का विवाह श्री परमेश्वर नारायण जी के साथ हुआ। उनकी सुपुत्री दीपिका का विवाह श्री राजीव माथुर के साथ। दूसरी बेटी शालिनी का विवाह श्री विनीत माथुर के साथ हुआ। उनकी एक पुत्री डॉक्टर हैं। उनके पुत्र श्री आशीष माथुर हैं जो एल एंड टी इन्फोटेक में डिलीवरी हैड (इंडिया) के पद पर कार्यरत हैं। उनका विवाह सुश्री दीपाली से हुआ। उनके दो पुत्र परख और तरन हैं। श्रीमती सरोज तथा बहनोई श्री परमेश्वर नारायण ने राधास्वामी दयाल के चरणों में बासा पाया।
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