Hathras, Uttar Pradesh, India. हाथरस जिले में पिछले 10 साल में इतनी गर्मी नहीं पड़ी जो 2 मार्च की शुरुआत में ही बढ़ रहे तापमान ने गेहूं, आलू व सरसों आदि की फसल करने वाले किसानों की चिंता को बढ़ा दिया है। अगर इसी तरह गर्मी पड़ती रही तो गेहूं में करीब 40 परसेंट तक नुकसान होने की आशंका के साथ ही खेत में से अभी तक नहीं खुदे आलू के सड़ जाने का डर बना हुआ है। बातचीत के दौरान किसानों का कहना है की गेहूं की फसल सर्दी में अपने गेहूं के दाने को बना पाती है। बढ़ते तापमान से वो दाना नही बन सकेगा।
गर्मी की मार से किसान परेशान है। यदि किसान की माने तो पिछले 10 साल से ऐसी गर्मी नहीं पड़ी जो इस वर्ष मार्च माह की शुरुआत में ही पड़ रही है। इस गर्मी ने किसानों की नींद उड़ा कर रख दी है। खेतों में खड़ी गेहूं की फसल इस गर्मी से पूरी तरह बर्बाद हो होने के कगार पर है। जिन गेहूं की फसल में बाल निकल आई उनमें 25 परसेंट और जिन गेहूं में अभी बाल नहीं निकली है उनमें 40 से 60 परसेंट तक नुकसान का अनुमान लगाया जा रहा है। वहीं खेतों में पड़ा आलू भी किसान के लिए परेशानी का सबब बन गया है।
किसानों का कहना है यदि आलू को तत्काल खेत से निकाल कर तुरंत कोल्ड स्टोर में नहीं पहुंचाया तो यह आलू सड़ जाएगा। आलू को इस समय बेचें तो उसकी कीमत इतनी कम मिल रही है, जो उसमे लगी लागत का आधा हिस्सा भी नही है। इन दिनों किसान युद्ध स्तर पर आलू की खुदाई कर रहा है, ताकि उसका आलू जल्द ही कोल्डस्टोर में पहुंच सके। वहीं गेहूं की खेती करने वाले किसानों के माथे पर भी चिंता की लकीरें खिंच गई हैं। मौसम में बदलाव ना हुआ तो उनका गेहूं पूरी तरह बर्बाद हो जाएगा।
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