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Agra, Uttar Pradesh, India, Bharat. नटरांजलि थियेटर आर्ट्स (एनटीए, आगरा) द्वारा डॉ भीमराव आंबेडकर विश्व विद्यालय (पं. दीन दयाल उपाध्याय ग्राम विकास संस्थान) के सहयोग से आयोजित 9वें अंतर्राष्ट्रीय ताज रंग महोत्सव के तहत
दूसरे दिन एक से बढ़कर एक प्रस्तुति हुईं, दर्शक हुए मंत्रमुग्ध। महोत्सव विश्वविद्यालय के जुबली हॉल में चल रहा है। कार्यक्रम के मुख्य संरक्षक वरिष्ठ समाजसेवी डॉ विजय किशोर बंसल ने सभी कलाकारों का उत्साहवर्धन कर रहे हैं।
सर्वप्रथम नटराज पूजन किया सुमन आनंद शर्मा, महेश शर्मा, लातविया दरीना, डॉक्टर कैलाश सारस्वत, अलका सिंह और वरिष्ठ पत्रकार डॉक्टर भानु प्रताप सिंह ने किया ने।
सर्वप्रथम ‘वरिष्ठ रंगकर्मी बसंत रावत जी’ की स्मृति में ‘आगरा नवरत्न सम्मान से सम्मानित किया:
बांकेलाल गौर जी (ललित कला), अजय प्रताप सिंह एडवोकेट (न्याय क्षेत्र), देवेंद्र सिंह परमार (श्री कृष्ण चरित मानस रचियता), तुलाराम शर्मा (श्रमिक उद्धारक), डॉ श्रेय सारस्वत (होम्योपैथ), दिनेश कुमार वर्मा ‘सारथी’ (ईमानदारी), आदर्श नंदन गुप्ता ‘करुणेश’ (संस्कृति व साहित्य), सतीश गुप्ता (सिने जगत), राजकुमार पथिक (राजनीति)। इस सम्मान का संयोजन किया डॉ भानु प्रताप सिंह ने।

मुख्य अतिथियों में सम्मिलित रहे महेश शर्मा, सुमन आनंद शर्मा, डा. कैलाश सारस्वत, डॉक्टर गिरधर शर्मा, सुनीता शर्मा, डा प्राची राज, निधि अग्रवाल, रितु गोयल, बबिता पाठक, इंजीनियर राजकुमार शर्मा, अनामिका मिश्रा आदि।
हरियाणा के बीन जोगी कलाकारों के दल में महेंद्र नाथ (तुंबा वादक), रोहित नाथ (चिमटा वादक), सुनील नाथ (तुंबा वादक), राजवीर नाथ (तुंबा वादक), बिजेंदर नाथ (बीन वादक), करतार नाथ (बीन वादक), हवा सिंह नाथ गुरु जी (बीन वादक) विनोद नाथ (ढोल वादक), सुखवीर नाथ बीन वादक ने शानदार प्रदर्शन किया।
वर्ल्ड डांस चैंपियन दरीना लातविया ने अपनी अद्भुत प्रस्तुति जैसे ही प्रारंभ की सभी दर्शकों ने अपने अपने फोन में उन पलों को संकलित करने की होड़ लग गयी, सभी ने खड़े होकर तालियां बजाईं।

सरस्वती कला केन्द्र, देहरादून, उत्तराखण्ड से गुरु सरस्वती सरियाल एवं सुनीता राना की क्लासिकल एवं लोक नृत्य प्रस्तुति सराहनीय रही।
मध्यप्रदेश की विख्यात कथक कलाकार वाणी पाठक, नित्या पाठक की प्रस्तुति शानदार रही।
श्री उमापति ग्रुप दिल्ली द्वारा सुरेन्द्र सेंगर के निर्देशन में नादिरा बब्बर द्वारा लिखित सकुबाई नाटक का मंचन किया जिसकी दर्शकों ने बढ़ चढ़ कर प्रसंशा की।
अगरतला, मेघालय, कोलकाता, दिल्ली से आये ट्रांसजेंडर कलाकारों की समूह एवं एकल प्रस्तुतियों में मेघालय का पारंपरिक गारु नृत्य प्रस्तुत किया निपुन दारु नाबिला ने, बंगाली रविंद्र नृत्य रश्मी खान ने, अगरतला का पारंपरिक नृत्य प्रस्तुत किया झूमी ने।
ओडिशा से रॉयल डांस एकेडमी एवं शुभाश्री डांस एकेडमी की प्रस्तुति ने खूब तालियां बटोरी।
“सकूबाई” एकल नाटक जिसको लिखा है जानी मानी लेखिका नदीरा बब्बर जी यह नाटक नारी चेतना पर आधारित है, जो सकूबाई नामक चरित्र के इर्द-गिर्द घूमती है।
सकूबाई एक नौकरानी है, जो कि परिवार चलाने के लिए दूसरों के घरों में काम करती है। सकूबाई बचपन में पढ़ना चाहती थी, लेकिन उसके मामा द्वारा उसके साथ ज्यादती होती है और सकू पढ़ने के सपनों को भुला देती है। उसकी शादी हो जाती है, गरीबी की जिंदगी जीते हुए भी सकूबाई हार नहीं मानती और अपनी जीवटता पर कायम रहती है। पति से असहयोग के बावजूद भी, वह अपनी बेटी को पढ़ाती हैं व उसे लेखक बनाती है, और समाज में उसे एक अच्छी पहचान दिलाती है।
नमिता बाजपेई के निर्देशन में नृत्य एवं संगीत प्रस्तुति हुई।
कार्यक्रम का संयोजन किया अलका सिंह शर्मा एवं गौरव शर्मा ने, संचालन किया अमित सूरी ने। व्यवस्थाओं में सहयोग किया लालाराम तैनगुरिया, टोनी फास्टर, देवेन्द्र जादौन ने।
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