सीडीआरआई के पूर्व निदेशक और पहली गर्भ निरोधक गोली सहेली बनाने वाले वैज्ञानिक पद्मश्री डॉ नित्या आनंद का शनिवार निधन हो गया। कई दिनों से उनका इलाज पीजीआई में चल रहा था। डॉक्टर नित्यानंद ने सन् 1951 में भारतीय औषधि अनुसंधान विभाग (सीडीआरआई) लखनऊ में जॉइन किया था।
सन 1974 से लेकर 1984 तक वह सीडीआरआई के निदेशक रहे। इस दौरान उन्होंने दुनिया की पहली नॉन स्टेरॉयड कांट्रेसेप्टिव पिल बनाने में अहम रोल अदा किया था। इसकी वजह से पूरी दुनिया में डॉक्टर नित्यानंद का नाम जाना जाता है। डॉक्टर नित्यानंद द्वारा बनाई गई कांट्रेसेप्टिव पिल में स्टेरॉइड का इस्तेमाल नहीं किया गया।
बाद में यह कांट्रेसेप्टिव पिल ‘सहेली’ नाम से फेमस हुई। इसके अलावा इन्होंने मलेरिया, कुष्ठ और टीवी जैसे गंभीर रोगों के इलाज में सहायक ड्रग की खोज करने में महत्वपूर्ण भूमिका अदा की। वर्तमान में प्रचलित जेनेरिक फार्मा का जनक भी डॉक्टर नित्यानंद को ही माना जाता है। औषधि रिसर्च व विज्ञान जगत में उन्होंने महान योगदान दिया। इसके लिए भारत सरकार ने उन्हें वर्ष 2012 में पद्मश्री सम्मान से विभूषित किया था।
-एजेंसी
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