आगरा। डॉ. एमपीएस ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस द्वारा डॉ. एमपीएस वर्ल्ड स्कूल, अतुल्य भारत कल्चरल सेंटर में शनिवार को “एक देश, एक चुनाव” विषय पर एक विशेष संगोष्ठी का आयोजन किया गया। इस अवसर पर भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय महामंत्री एवं सांसद अरुण सिंह मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम में विभिन्न जनप्रतिनिधियों, शिक्षाविदों और सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया और विषय पर विचार व्यक्त किए।
अरुण सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि “एक देश, एक चुनाव” की अवधारणा भारत की लोकतांत्रिक व्यवस्था को अधिक सशक्त, पारदर्शी और व्यावहारिक बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है। उन्होंने कहा कि बार-बार चुनावों के कारण प्रशासनिक मशीनरी प्रभावित होती है, विकास कार्यों में रुकावट आती है और देश पर भारी आर्थिक बोझ पड़ता है। समन्वित चुनावों से नीति निर्माण में निरंतरता बनी रहेगी, संसाधनों की बचत होगी और लोकतांत्रिक प्रक्रिया और अधिक मजबूत होगी।
एक साथ चुनाव देश को ले जाएगा स्थायित्व और पारदर्शिता की ओर
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे पूरन डावर ने कहा कि एक साथ चुनाव भारत को स्थायित्व और पारदर्शिता की दिशा में ले जाएगा। विशिष्ट अतिथि डॉ. एमपीएस ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस के चेयरपर्सन स्क्वाड्रन लीडर ए.के. सिंह ने कहा कि यह कदम प्रशासनिक बाधाओं को कम करेगा और शासन व्यवस्था को अधिक प्रभावशाली बनाएगा, जबकि जगत सिंह फौजदार ने इस विचार को लोकतंत्र की आर्थिक मजबूती के लिए आवश्यक बताया।
भाजपा जिला अध्यक्ष प्रशांत पौनियां ने कहा कि यह व्यवस्था पंचायत से लेकर संसद तक चुनाव प्रणाली में सुधार लाएगी। जिला संयोजक श्याम भदौरिया ने इसे जनभागीदारी को सशक्त बनाने वाला निर्णय बताया। सांसद राजकुमार चाहर ने इस व्यवस्था को विकास कार्यों में निरंतरता लाने वाला बताया। प्रदेश महामंत्री राम प्रताप सिंह चौहान ने कहा कि यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लोकतांत्रिक सुधारों के विज़न का अहम हिस्सा है।
उत्तर प्रदेश सरकार के पूर्व राज्यमंत्री चौधरी उदयभान सिंह ने कहा कि देश को एक नई दिशा देने के लिए यह एक आवश्यक पहल है।
विधायक रानी पक्षालिका सिंह ने जनता को बार-बार मतदान से राहत मिलने की बात कही, जबकि विधायक भगवान सिंह कुशवाह ने इसे लोकतंत्र की दक्षता बढ़ाने वाला विचार बताया। विधायक छोटेलाल वर्मा ने कहा कि इससे प्रशासनिक प्रक्रिया में स्थायित्व आएगा और योजनाएं समय पर पूरी हो सकेंगी। जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. मंजू भदौरिया ने कहा कि इससे गांव से लेकर शहर तक एकरूपता आएगी और विकास में गति आएगी।
मंच संचालन एवं व्यवस्था के सह संयोजक यशपाल राणा ने सभी दलों से इस विषय पर सकारात्मक चर्चा की अपील की, जबकि सह संयोजक मातेन्द्र धाकरे ने कहा कि समन्वित चुनाव आज के समय की सबसे बड़ी आवश्यकता बन चुके हैं। वहीं जिला सहकारी बैंक के अध्यक्ष प्रदीप भाटी ने भी अपने विचार व्यक्त किए।
विशेष रूप से रहे मौजूद
कार्यक्रम में अनेक जनप्रतिनिधि, भारतीय जनता पार्टी के अधिकारी, शिक्षाविद, जनप्रतिनिधि और सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ सुधीर गर्ग, रंजीत सामा, प्रमोद महाजन, अतुल गुप्ता, सहदेव शर्मा, सोनू (ब्लॉक प्रमुख), अमित बाल्मीकि, उत्तम सिंह, सत्यदेव दुबे, अशोक चाहर, सन्तोष कटारा, योगेन्द्र त्यागी, दिनेश गोयल, देवेन्द्र वर्मा, डॉ. रजनीश त्यागी, राहुल चौधरी, होरा सिंह, मानवेन्द्र राठौर, शिव कुमार प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।
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