Mathura (Uttar Pradesh, India)। भारत-चीन के विवाद के बीच नेपाल के प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली ने कहा है कि अयोध्या नेपाल में है। इसका चहुंओर विरोध हो रहा है। सनानत धर्म को मानने वाल और रामभक्तों में गुस्सा है। भारत मे रह रहे नेपाल वासी भी अब अपने देश के प्रधानमंत्री के खिलाफ गुस्से में हैं। सबने मिलकर ओली का पुतला फूंका। कहा कि ओली की बोली गोली के मान है। नेपाल को बचाने का आह्वान किय गया कि कहीं तिब्बत न बन जाए।
जय श्रीराम की गूंज
बुधवार को वृन्दावन में धर्माचार्यों के साथ नेपाली समाज के धर्माचार्यों ने नेपाल के प्रधानमंत्री का पुतला फूँक अपने आक्रोश का इजहार किया। नेपाल के प्रधानमंत्री के पी शर्मा ओली के बयान भगवान राम अयोध्या में नहीं नेपाल में हुए थे, को लेकर देश भर में गुस्सा है वृन्दावन में रहने वाले नेपाल समाज के रहने वाले धर्माचार्यों ने स्थानीय धर्माचार्यों के साथ मिलकर नेपाल के प्रधानमंत्री का विरोध किया और उनका पुतला दहन कर भगवान राम की जय-जयकार की। जय श्रीराम की गूंज की।
नेपाल के प्रधानमंत्री का बयान हास्यास्पद
नेपाल के धर्माचार्य हरिशरण ने कहा कि चीन विश्व से आध्यात्मिक माहौल को खत्म करना चाहता है। नेपाल के प्रधानमंत्री का बयान हास्यास्पद है। स्थानीय धर्माचार्य मनोज मोहन शास्त्री ने कहा कि नेपाल के प्रधानमंत्री ओली के बयान ने गोली से होने वाले घाव जैसा काम किया है। काशी विद्वत परिषद पश्चिमांचल के प्रभारी नागेंद्र महाराज ने कहा कि सरयू किनारे भगवान राम का जन्म हुआ। क्या नेपाल में सरयू है? उन्होंने कहा कि इतिहास बदल सकता है, पुराण नहीं। चीन के प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री का विरोध करते हैं।
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