New Delhi, Capital of India. आगरा से भारतीय जनता पार्टी के सांसद प्रोफेसर एसपी सिंह बघेल ने राष्ट्रपति भवन में केन्द्रीय राज्यमंत्री के मंत्री के रूप में शपथ ली। उन्हें मंत्री बनाया गाय है। उन्हें आज अचानक दिल्ली बुलाया गया। वे तत्काल ही रवाना हो गए। उनका चाहने वालों की खुशी का ठिकना नहीं है।
कठेरिया का टिकट काटकर एसपी सिंह बघेल को चुनाव लड़वाया
मोदी सरकार में मंत्री बनाए गए प्रोफेसर एसपी सिंह बघेल की राजनीतिक कहानी बड़ी रोचक और रोमाचंक है। उत्तर प्रदेश पुलिस में बतौर सब इंस्पेक्टर के रूप में तैनात रहे प्रो. एसपी सिंह बघेल आज राजनीति जगत में बड़ा नाम है। यूपी पुलिस में रहते हुये, उन्हें मुलायम सिंह यादव की सुरक्षा करने का मौका मिला, बस यहीं से उनकी किस्मत बदलना शुरू हो गई। मुख्यमंत्री के पीएसओ रहे और इसके बाद लोकसभा और राज्यसभा से सांसद रहे। विधानसभा चुनाव 2017 में टूंडला से जीत के बाद उन्हें प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री बनाया गया। इसके बाद भाजपा ने आगरा लोकसभा क्षेत्र से उन्हें टिकट दिया, तो यहां से भी प्रो. एसपी सिंह बघेल ने शानदार जीत दर्ज की। पार्टी ने ताकतवार सांसद और राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. रामशंकर कठेरिया का टिकट काटकर एसपी सिंह बघेल को चुनाव लड़ाया गया था।
पिता पुलिस विभाग में थे
सत्यपाल सिंह बघेल यानि प्रो. एसपी सिंह बघेल उत्तर प्रदेश के औरैया जिले के भटपुरा के मूल निवासी हैं। इनके पिता रामभरोसे सिंह मध्य प्रदेश पुलिस विभाग में तैनात थे। एसपी सिंह बघेल का जन्म मध्य प्रदेश के इंदौर स्थित यशवंतराव होल्कर अस्पताल में हुआ। पिता रामभरोसे खरगौन से रिटायर हुए। इसलिए प्रारंभिक शिक्षा से लेकर उच्च शिक्षा सभी मध्यप्रदेश में ही हुई। उत्तर प्रदेश पुलिस सेवा में सब इंस्पेक्टर के तौर पर भर्ती होने के बाद एसपी सिंह बघेल को पहली अहम जिम्मेदारी तत्कालीन मुख्यमंत्री नारायण दत्त तिवारी का सुरक्षागार्ड बनने की मिली।
मुलायम से संपर्क में
1989 में मुलायम सिंह यादव के मुख्यमंत्री बनने के बाद बघेल मुलायम सिंह यादव के सुरक्षा में शामिल हो गए, लेकिन अपनी निडरता, मेहनत और ईमानदारी के बल पर उन्होंने मुलायम सिंह यादव का भी दिल जीत लिया। मुलायम सिंह यादव ने उनको जलेसर सीट से समाजवादी पार्टी के उम्मीदवार के तौर पर 1998 में पहली बार उतारा और वह जीते। उसके बाद दो बार सांसद चुने गए। 2010 में बसपा ने उन्हें राज्यसभा में भेजा। साथ ही राष्ट्रीय महासचिव की जिम्मेदारी भी दी। 2014 में फिरोजाबाद लोकसभा से सपा के राष्ट्रीय महासचिव प्रो. रामगोपाल यादव के पुत्र अक्षय यादव के सामने चुनाव लड़े। हालांकि वह यह चुनाव हार गए। इसके बाद उन्होंने राज्यसभा से इस्तीफा देकर भाजपा की सदस्यता ली। भाजपा में शामिल होने के बाद भाजपा पिछड़ा मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष बना गए। बिहार में हुए विधानसभा चुनाव में भाजपा के स्टार प्रचार के रूप में भूमिका निभाई। राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह के निकट माने जाते हैं।
यूपी सरकार में मंत्री रहे
विधानसभा चुनाव 2017 में टूंडला सुरक्षित सीट से भाजपा विधायक बने। इसके बाद उन्हें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की टीम में शामिल किया गया। साफ शब्दों में कहा जाए, तो कैबिनेट मिनिस्टर बनने के बाद एसपी सिंह बघेल का राजनैतिक जीवन फिर चमकने लगा। इसके बाद एक बार फिर आगरा से उन्हें भाजपा ने मौका दिया, तो यहां से भी प्रो. एसपी सिंह बघेल ने बड़ी जीत दर्ज की।
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