अयोध्या। अयोध्या राम मंदिर के दान चोरी केस में लगातार श्री राम जन्मभूमि मंदिर तीर्थक्षेत्र ट्रस्ट का एक्शन जारी है। साथ ही पुलिस, एसआईटी और राज्य सरकार सब सख्ती जारी है। अब दान चोरी मामले में एक और एक्शन लिया गया है। राम मंदिर ट्रस्ट से निष्कासित चंपत राय, डॉक्टर अनिल मिश्रा और गोपाल राव की पावर छीन ली गई है। उनके पास जो आईडी थी उसे समाप्त कर दी है। अब वह राम मंदिर में वीआईपी और सुगम दर्शन के लिए पास जारी नहीं कर सकेंगे।
वीआईपी पास जारी करने के अधिकार निरस्त
स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) की टीम हर दिन घंटों-घंटों जांच पड़ताल कर रही है। कई बड़े खुलासे हो रहे हैं। इस बीच, राम मंदिर दान चोरी मामले के बीच श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने बड़ा प्रशासनिक फैसला लिया है।ट्रस्ट से निष्कासित पूर्व महासचिव चंपत राय, पूर्व सदस्य डॉ. अनिल मिश्रा और विशेष आमंत्रित सदस्य गोपाल राव की वीआईपी और सुगम दर्शन पास जारी करने वाली ID रद्द कर दी गई है।
अब इनके नाम से किसी भी श्रद्धालु के लिए विशेष या सुगम दर्शन पास जारी नहीं किए जाएंगे। यह व्यवस्था मंदिर के भूमि पूजन के समय से लागू थी, जिसे अब समाप्त कर दिया गया है।
ट्रस्ट में बदलाव और नई व्यवस्था
चंपत राय राम मंदिर ट्रस्ट में अपने पद से इस्तीफा दे चुके हैं। ट्रस्ट की बैठक में उनका इस्तीफा स्वीकार कर लिया गया था। इसके बाद उनकी जिम्मेदारियां कृष्ण मोहन को सौंप दी गईं। वहीं, गोपाल राव को खासतौर से आमंत्रित सदस्य की लिस्ट से हटाए जाने की जानकारी भी सामने आई है। हालांकि, उन्होंने इस दावे से असहमति जताते हुए कहा है कि वे भविष्य में भी मंदिर आते रहेंगे और व्यवस्थाओं में सहयोग करते रहेंगे।
ऐसे पकड़ी गई दान में चोरी की साजिश
मई महीने के आखिरी सप्ताह में राम मंदिर ट्रस्ट से जुड़े पदाधिकारियों ने बैंक में जमा हो रही रकम का ब्योरा देखा और रोजाना दान पेटियों के खाली होने के क्रम की पड़ताल की तो चोरी का शक पैदा हुआ। दरअसल, एक दान पेटी में 6 से 7 लाख रुपए एक बार में जमा होते थे, लेकिन कुछ सप्ताह में 500 की गड्डी में कमी देखी गई। इसके बाद शक गहराया तो नोट गिनने वाले कमरे में कुछ हिडन कैमरे लगवाए गए।
इन हिडन कैमरे की एक सप्ताह की फुटेज देखी गई तो पता चला नोट गिनने की प्रक्रिया में लगे कर्मचारी सीसीटीवी के सामने खड़े हो जाते और दूसरा साथी बनाए गए नोटों की गड्डी में नोट चोरी कर कपड़ों में छुपा लेते हैं। लेकिन हिडन कैमरे में उनकी यह चोरी पकड़ी गई।
फिलहाल, एसआईटी की टीम हर दिन इस मामले की परतें खोल रही है। ट्रस्ट द्वारा उठाए गए इस प्रशासनिक कदम को भविष्य में दान की सुरक्षा सुनिश्चित करने और किसी भी प्रकार के ‘वीआईपी दखल’ को समाप्त करने की दिशा में एक बड़े सुधार के रूप में देखा जा रहा है।
- शासन भी मेरा, प्रशासन भी मेरा…पुलिस चौकी के अंदर BJP नेत्री ने युवक को पीटा, FIR दर्ज; यूपी के सुल्तानपुर का वीडियो वायरल - July 9, 2026
- उद्घाटन से पहले लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे धंसने के सवाल पर बोले योगी सरकार के मंत्री – आप अपने आप सड़क बना लो… - July 9, 2026
- राम मंदिर चढ़ावा विवाद: ट्रस्ट का बड़ा एक्शन, चंपत राय और अन्य निष्कासित सदस्यों के वीआईपी पास जारी करने के अधिकार खत्म - July 9, 2026