यूपी विधानसभा में लव जिहाद रोकथाम का बिल पास कर दिया गया है। अब पूरे प्रदेश में धोखे से या बलपूर्वक कराए गए मतांतरण के मामलों में कानून और सख्त होगा। अभी तक ऐसे मामलों में अधिकतम 10 साल की सजा होती थी और 50 हजार रुपये तक जुर्माना लगाया जाता था।
उत्तर प्रदेश में रहने वाली किसी महिला को अपने जाल में फंसाकर मतांतरण कराकर उत्पीड़न की घटना यानी ‘लव जिहाद’ के दोषियों को पहली बार उम्रकैद तक की सजा होगी। अवैध मतांतरण की गंभीर घटनाओं की रोकथाम के लिए सरकार ने कानून का दायरा और सजा की अवधि बढ़ाई है।
नए बिल के प्रावधान
– दोषी पाए जाने पर 20 साल की कैद या आजीवन कारावास का प्रावधान
-कोई भी व्यक्ति धर्मांतरण की एफआईआर दर्ज करा सकता है
-लव जिहाद के मामलों की सुनवाई सत्र न्यायालय से नीचे की अदालत नहीं करेगी
-लव जिहाद के मामले में सरकारी वकील को मौका दिए बिना जमानत याचिका पर विचार नहीं
-कानून में सारे अपराध हैं गैरजमानती
Compiled by up18News
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