भारत सरकार ने नकली दवाओं का निर्माण के आरोप में 18 फार्मा कंपनियों के लाइसेंस रद्द कर दिए हैं। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार ड्रग्स कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया ने 20 राज्यों में 76 दवा कंपनियों का निरीक्षण करने के बाद यह फैसला लिया है।
आधिकारिक सूत्रों के हवाले से कहा गया है कि देश में नकली दवाओं के निर्माण का उद्भेदन करने के लिए फार्मा कंपनियों के खिलाफ विशेष कार्रवाई अभियान चला रहा है। बताया जा रहा है कि डीसीजीआई ने 26 फार्मा कंपनियों को कारण बताओ नोटिस भी जारी किया है। ये अभियान पिछले 15 दिनों से जारी है।
जिन कंपनियों के खिलाफ अभियान चलाया जा रहा है उनमें हिमाचल प्रदेश की 70, उत्तराखंड की 45 और मध्य प्रदेश की 23 कंपनियां हैं। इन सभी कंपनियों पर नकली दवाओं के निर्माण के आरोप लगे थे।
बीते दिनों में डग्र कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया की ओर से दवाओं के मामले में अमेजन और फ्लिपकार्ट को भी नोटिस भेजा गया था। दोनों पर ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक एक्ट 1940 के उल्लंघन का आरोप लगाया था।
- राहुल गांधी का पीएम मोदी पर तीखा हमला, बोले- मुझे नहीं पता कि वे भारत के भविष्य को माफ करने वाले कौन होते हैं… - August 5, 2026
- इलाहाबाद हाईकोर्ट का कड़ा रुख: यूपी शिक्षा सेवा चयन आयोग की भर्ती परीक्षा में 33 प्रश्न गलत पाए जाने पर सचिव और परीक्षा नियंत्रक तलब - August 5, 2026
- 4,200 करोड़ की लागत से बने लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे पर उद्घाटन के 20 दिन के भीतर सड़क धंसने की पांच घटनाएं, निर्माण गुणवत्ता पर उठे सवाल - August 5, 2026