नई दिल्ली। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन अमेरिका के नई पीढ़ी के संचार उपग्रह ब्लूबर्ड ब्लॉक-2 की लॉन्चिंग के लिए पूरी तरह तैयार है। इस मिशन के लिए भारी पेलोड ले जाने वाले रॉकेट एलवीएम-3 एम6 से प्रक्षेपण किया जाएगा। लॉन्च से पहले इसरो अध्यक्ष वी. नारायणन ने 23 दिसंबर को तिरुमला श्री वेंकटेश्वर स्वामी मंदिर में पूजा-अर्चना कर मिशन की सफलता की कामना की।
इसरो के अनुसार, ब्लूबर्ड ब्लॉक-2 उपग्रह को ले जाने वाले एलवीएम-3 एम6 रॉकेट के प्रक्षेपण की 24 घंटे की उलटी गिनती मंगलवार से शुरू हो चुकी है। यह लॉन्च बुधवार सुबह 8.54 बजे अंतरिक्ष केंद्र के दूसरे लॉन्च पैड से किया जाएगा। लगभग 6,100 किलोग्राम वजनी यह उपग्रह एलवीएम-3 के प्रक्षेपण इतिहास में पृथ्वी की निम्न कक्षा (LEO) में स्थापित किया जाने वाला अब तक का सबसे भारी पेलोड होगा।
इसरो अध्यक्ष वी. नारायणन ने बताया कि यह एक अमेरिकी संचार उपग्रह है, जिसे 4जी और 5जी संचार प्रणालियों को सपोर्ट करने के लिए डिजाइन किया गया है। उन्होंने कहा कि यह मिशन तकनीकी और वाणिज्यिक, दोनों दृष्टियों से इसरो के लिए बेहद महत्वपूर्ण है और भारत की लॉन्च क्षमताओं को वैश्विक स्तर पर और मजबूत करेगा।
यह मिशन न्यूस्पेस इंडिया लिमिटेड (NSIL) और अमेरिका की AST SpaceMobile के बीच हुए वाणिज्यिक समझौते के तहत संचालित किया जा रहा है। एनएसआईएल, इसरो की वाणिज्यिक इकाई है, जो अंतरराष्ट्रीय ग्राहकों के लिए लॉन्च सेवाएं प्रदान करती है।
ब्लूबर्ड ब्लॉक-2 मिशन का उद्देश्य उपग्रह के माध्यम से सीधे मोबाइल कनेक्टिविटी उपलब्ध कराना है। इसके जरिए दुनिया के किसी भी हिस्से में स्मार्टफोन पर सीधे हाई-स्पीड सेल्युलर ब्रॉडबैंड सेवा, 4जी और 5जी वॉयस-वीडियो कॉल, मैसेजिंग, स्ट्रीमिंग और डेटा सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकेंगी। यह मिशन वैश्विक संचार के क्षेत्र में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।
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