वाराणसी के ज्ञानवापी मस्जिद में तीन दिन के सर्वे में सोमवार को शिवलिंग मिलने के बाद मामला काफी गरमा गया है। वाराणसी की कोर्ट के आदेश पर हुई सर्वे की कार्यवाही रिपोर्ट को मुस्लिम पक्ष हाई कोर्ट में चुनौती देने की तैयारी कर रही है।
वाराणसी के ज्ञानवापी मस्जिद में कोर्ट के निर्देश के बाद सर्वे के दौरान शिवलिंग मिलने के बाद मुस्लिम पक्ष ने हाई कोर्ट जाने की तैयारी कर ली है। मुस्लिम पक्ष कोर्ट के फैसले को हाई कोर्ट में चुनौती देगा। मुस्लिम पक्ष ज्ञानवापी मस्जिद के शिवलिंग मिलने वाले उस स्थान को सील करने के फैसले को चुनौती देगा। कोर्ट ने वजू खाने के पास शिवलिंग मिलने पर उस स्थान को सील करने का आदेश दिया है। इसके साथ ही कोर्ट ने वहां पर केन्द्रीय बल तैनात करने के साथ सुरक्षा इंतजाम बढ़ाने और स्थान को सील करने का आदेश दिया है। वाराणसी में ज्ञानवापी परिसर के वजू खाने में शिवलिंग मिलने पर कोर्ट के निर्देश पर पूरी जगह सील की गई है। अब वहां पर सीआरपीएफ के हवाले सुरक्षा रहेगी।
ओवैसी ने दी धमकी
उधर एआइएमआइएम के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने धमकी दी है कि ज्ञानवापी मस्जिद थी और रहेगी, चाहे जो भी कर ले। वाराणसी के ज्ञानवापी मस्जिद में शिवलिंग मिलने के बाद हैदराबाद के सांसद असदुद्दीन ओवैसी का विरोध और तेज होता जा रहा है। वहां पर सर्वे के विरोध में उन्होंने कहा कि वाराणसी में ज्ञानवापी मस्जिद थी और वह कयामत तक रहेगी। उनको कहा कि यह प्रकरण तो अयोध्या के बाबरी मस्जिद में दिसंबर 1949 की पुनरावृत्ति है।
यह आदेश ही मस्जिद के धार्मिक स्वरूप को बदल देता है। यह 1991 के एक्ट का उल्लंघन है। यह मेरी आशंका थी और यह सच हो गया है। ज्ञानवापी मस्जिद फैसले के दिन तक मस्जिद थी और रहेगी इंशाअल्लाह। असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि पहले बाबरी हुआ, अब ज्ञानवापी पर बवाल हो रहा है। तुमने मक्कारी से बाबरी मस्जिद को छीना लेकिन अब ज्ञानवापी को नहीं छीन पाओगे. ज्ञानवापी मस्जिद थी है और रहेगी।
-एजेंसियां
- यूपी के कैबिनेट मंत्री संजय निषाद ने आकाश आनंद को दिया निषाद पार्टी में शामिल होने और राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाने का ऑफर - September 4, 2026
- सपा प्रमुख अखिलेश यादव और CJP के राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रांका की बंद कमरे में हुई डेढ़ घंटे की मुलाकात, सियासी गलियारों में तेज हुईं अटकलें - September 4, 2026
- Agra News: जनकपुरी महोत्सव क्षेत्र का प्रशासनिक अधिकारियों ने किया स्थलीय निरीक्षण, यातायात व्यवस्था और सुरक्षा प्रबंधों की बनाई गई विस्तृत योजना - September 3, 2026