बॉलीवुड के उम्दा अभिनेता रहे इरफान खान ने अपने करियर में ढेरों बेहतरीन किरदार निभाए हैं, जिनके जरिए वो आज भी लोगों के दिलों में बसते हैं. वहीं उन्होंने एक से बढ़कर एक कई ऐसे डायलॉग्स भी दिए हैं, जो हमें जिंदगी जीना सिखाती हैं, हमें जिंदगी की हकीकत बताती है.
आज इरफान खान भले ही इस दुनिया में नहीं हैं, लेकिन उन्होंने अपने करियर में ऐसे-ऐसे किरदार निभाए हैं, जिसके लिए दुनिया हमेशा उन्हें याद करती है और करती रहेगी. और जब-जब हिंदी सिनेमा के चुनिंदा एक्टर्स की गिनती होगी तो उसमें इरफान का नाम जरूर लिया जाएगा.
ना सिर्फ एक्टिंग, बल्कि फिल्मों में इरफान ने कई ऐसे डायलॉग्स भी बोले हैं, जो हमें जिंदगी जीने का फलसफा सिखाती है, जो हमें जीवन के बारे में बहुत कुछ बताती है. 7 जनवरी को इरफान खान की बर्थ एनिवर्सरी है.
उनके 10 चुनिंदा डायलॉग्स जो दिल के पार उतर जाते हैं
1. “भूख हमारे बारे में वो सारी चीजें बदल देती है जो हम समझते हैं कि हम अपने बारे में जानते हैं”- लाइफ ऑफ पाई
2.”रिश्तों में भरोसा और मोबाइल पर नेटवर्क ना हो तो लोग गेम खेलने लगते हैं”- जज़्बा
3.”ये शहर जितना हमें देता है, बदले में उससे कहीं ज्यादा हमसे ले लेता है”- लाइफ इन अ मेट्रो
4.”आदमी जितना बड़ा होता है, उसके छुपने की जगह उतनी ही कम होती है”- कसूर
5.”ये हेडमास्टर, हेडमास्टर नहीं है जी, ये बिजनेसमैन है. आजकल की पढ़ाई पढ़ाई नहीं है जी, ये धंधा है धंधा”- हिंडी मीडियम
6.”मोहब्बत थी इसलिए जाने दिया, जिद होती तो बांहों में होती”- जज्बा
7.”पिस्टल की ठंडी नली जब कनपटी पर लगती है ना, तब जिंदगी और मौत का फर्क समझ आता है”- द किलर
8.”आखिर में सबकुछ जाने देने का नाम ही जिंदगी है, पर सबसे ज्यादा तकलीफ तब होती है, जब आपको अलविदा कहने का मौका नहीं मिल पाता”- लाइफ ऑफ पाई
9.”हमलोगों को हक जताना आता है, रिश्ते निभाना नहीं आता”- कारवां
10.”दरिया भी मैं, दरख्त भी मैं, झेलम भी मैं, चिनार भी मैं. दैर भी हूं हरम भी हूं. शिया भी हूं, सुन्नी भी हूं, मैं हूं पंडित, मैं था और मैं ही रहूंगा”- हैदर
– एजेंसी
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