Agra, Uttar Pradesh, India. आज विश्व बाल दिवस है। इस मौके पर हरीपर्वत थाने के थानेदार बनाया गया है इशिका बंसल को। इशिका अंग्रेजी की कवयित्री है। उनके पिता कुमार ललित पत्रकार और कवि हैं। पत्रकारों के लिए भी गर्व की बात है कि उनके परिवार की बेटी को एक दिन का ही सही, थानेदार बनने का मौका मिल रहा है। वह सुबह नौ बजे से थाने में शिकायतें सुन रहीहै।
कौन है इशिका बंसल
अंग्रेजी लेखिका इशिका बंसल के पूर्व में प्रकाशित दो कविता संग्रहों में छपी कविताओं को देश-दुनिया के जाने-माने अंग्रेजी कवि-समीक्षकों की सराहना लगातार मिलती रही है। अब उल्लेखनीय यह है किदेश-दुनिया के समीक्षकों की उसकी कविताओं के बारे में व्यक्त की गई राय को गुड़गांव की “ग्लोबल फ्रेटरनिटी ऑफ पोइट्स” ने पुस्तक के रूप में प्रकाशित किया है। इस पुस्तक का संपादन भी आगरा के अंतर्राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त अंग्रेजी कवि-समीक्षक राजीव खंडेलवाल ने किया है। इसमें रेजीनाल्ड मेसी (यूके), भूपेंद्र परिहार (लुधियाना) सहित देश भर के जाने-माने 47 अंग्रेजी कवि-समीक्षकों के विचार उनके परिचय सहित दर्ज किए गए हैं। इनमें आगरा के राजीव खंडेलवाल, डॉ. आरएस तिवारी शिखरेश, डॉ. रोली सिन्हा, पम्मी सडाना, साधना भार्गव और निवेदिता लाल भी शामिल हैं। इस पुस्तक का शीघ्र ही विमोचन किया जाएगा। “पोएटिक थॉट्स ऑफ इशिका बंसल अप्रेजल्स” नामक इस पुस्तक के संपादक राजीव खंडेलवाल ने बताया कि इशिका की तमाम कविताएं और कविताओं पर लिखे गए कुछ रिव्यूज पहले ही देश की नामचीन अंग्रेजी पत्रिकाओं में प्रकाशित हो चुके हैं। इशिका बंसल ने बताया कि अब इस पुस्तक के साथ वह 16 वर्ष तक के आयु-वर्ग में विश्व की ऐसी पहली युवा ऑथर हो गई है जिसको राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सराहना मिली है और इस कैटेगरी में वह विश्व रिकॉर्ड के लिए गिनीज बुक, लिम्का बुक और नेशनल बुक सहित कई जगह दावेदारी करने जा रही है। कवि डा. कुमार विश्वास, दिल्ली के कवि हरीश अरोड़ा, आगरा के गजलकार अशोक रावत समेत कई कवियों की हिंदी कविताओं का अंग्रेजी अनुवाद कर चुकी हैं। शैक्षिक उपलब्धियों को दृष्टिगत रखते हुए इशिका बंसल को नवीं और दसवीं कक्षा में अध्ययन करने के लिए जीडी गोयनका पब्लिक स्कूल, आगरा द्वारा 3 लाख 11 हजार रुपए की स्कॉलरशिप प्रदान की गई थी। वर्तमान में, वह जीडी गोयनका पब्लिक स्कूल में इसी स्कॉलरशिप के तहत दसवीं कक्षा में निःशुल्क अध्ययन कर रही है।
पुलिसिंग में सुधार के सुझाव मांगेंगे
सुबह नौ बजे वे थाने पहुंची। नके गेस्ट थानेदार बनने का तस्करा जीडी में डाला गया। इसके बाद थाने का रुटीन काम शुरू हुआ। शाम तक वे थाने में रहकर पुलिस की कार्यशैली को बारीकी से देखेंगी। एसपी सिटी बोत्रे रोहन प्रमोद ने बताया कि कार्यक्रम का उद्देश्य छात्राओं को यह संदेश देना है कि पुलिस उनकी मदद के लिए है। वह पुलिस से घबराएं नहीं। पुलिस कैसे काम करती है ? यह अनुभव करके इशिका अपने साथ की छात्राओं को बताए। जहां भी जाए उनका मनोबल बढ़ाए। एक दिन की पुलिसिंग के बाद पुलिस भी इशिका से पुलिसिंग में और सुधार को सुझाव मांगे जाएंगे।
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