शिमला। हिमाचल प्रदेश कर्मचारी चयन आयोग के जेओए आईटी पेपर लीक मामले में सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। राज्य की नई कांग्रेस सरकार ने तत्काल प्रभाव से कर्मचारी चयन आयोग हमीरपुर के कामकाज को निलंबित करने का फैसला किया है। साथ ही सभी चल रही और लंबित भर्ती प्रक्रियाओं को अगले आदेश तक रोक दिया गया है।
आयोग में कार्यरत अधिकारी, कर्मचारी अब विशेष कार्य अधिकारी को रिपोर्ट करेंगे। सरकार ने एडीसी कम एडीएम हमीरपुर को आयोग का विशेष कार्य अधिकारी नियुक्त किया गया है। इसके साथ ही सरकार ने आयोग के सचिव डॉ. जितेंद्र कुमार, उप सचिव संजीव कुमार को भी रिलीव कर दिया है। इन अधिकारियों को कार्मिक विभाग में रिपोर्ट करने को कहा गया है। इन अधिकारियों की तैनाती के आदेश बाद में जारी किए जाएंगे। मुख्य सचिव आरडी धीमान ने ये आदेश जारी किए हैं। डॉ. जितेंद्र कंवर बीते आठ साल से कर्मचारी चयन आयोग के सचिव थे।
ये है पूरा मामला
प्रदेश कर्मचारी चयन आयोग की 25 दिसंबर को होने वाली पोस्ट कोड 965 जेओए आईटी भर्ती की लिखित परीक्षा से दो दिन पहले 23 दिसंबर को पेपर लीक हो गया था। पेपर लीक की मुख्य आरोपी महिला चयन आयोग की गोपनीय शाखा में वरिष्ठ सहायक के पद पर लंबे समय से कार्यरत है। एक अभ्यर्थी की शिकायत पर विजिलेंस ने महिला और उसके बेटे समेत छह लोगों को गिरफ्तार कर भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया।
आयोग ने परीक्षा भी रद्द कर दी। आयोग ने मई 2022 में 198 पदों के लिए आवेदन मांगे थे। अक्तूबर में 121 पद और जोड़े गए। 319 पदों के लिए 476 परीक्षा केंद्रों में 1,03,344 अभ्यर्थियों ने परीक्षा देनी थी। सरकार ने अब मामले की जांच के लिए एसआईटी का भी गठन कर दिया है।
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