मान्यता: घोड़े का घाव भरेगा तो होगा विष्णु भगवान के कल्कि अवतार का जन्म

RELIGION/ CULTURE

पीएम मोदी ने यूपी के सम्भल में बने कल्कि धाम का भूमि पूजन कर शिलान्यास किया, लेकिन क्या आप जानते हैं कि राजस्थान में भी कल्कि मंदिर है ? राजस्थान के जयपुर में बना श्री कल्कि मंदिर का निर्माण 18वीं शताब्दी में जय सिंह द्वितीय ने करवाया था। जय सिंह खुद भी इस मंदिर में आरती करने जाते थे। यह मंदिर जयपुर के सिरेह देवरी बाजार में महल के गेट के सामने स्थित है और इसे लगभग 300 साल पुराना बताया जाता है। कल्कि मंदिर भगवान विष्णु के 10वें अवतार को समर्पित कर बनाया गया था। कहा जाता है कि दुनिया का ये पहला ऐसा मंदिर है जो अभी अवतार लेना बाकी है।

घोड़े का घाव भरेगा तो होगा विष्णु भगवान के 10वें अवतार का जन्म

मान्यता के अनुसार बताया गया है कि जब कलयुग अपने चरम पर होगा तब विष्णु के कल्कि अवतार का जन्म होगा और वही अवतार दुष्टों का नाश करेगा। मंदिर में कई मूर्तियों के साथ एक घोड़ा भी स्थापित है जिसके बाएं पैर में गड्ढा है, जो अपने आप भर रहा है, इसके भरने पर भगवान कल्कि प्रकट होंगे। मंदिर का प्रबंधन सरकारी विभाग यानि देवस्थान विभाग द्वारा किया जाता है और पुजारी सरकार के पेरोल पर होता है।

संगमरमर के चौखटों पर भगवान विष्णु के 9 अवतार

गर्भगृह के संगमरमर के चौखटों पर भगवान विष्णु के 9 अवतारों को उकेरा गया है दाहिनी ओर भगवान ब्रह्मा हैं और बाईं ओर नंदी पर शिव और पार्वती बैठे हैं। संगमरमर से बनी भूमि पर कमल का फूल और शंख उत्कीर्ण हैं।

-एजेंसी

Dr. Bhanu Pratap Singh