भाजपा नेता पंकजा मुंडे के नियंत्रण वाली एक चीनी मिल को माल एवं सेवा कर (जीएसटी) विभाग से नोटिस मिला है। इसको लेकर मुंडे ने सरकार पर भेदभाव का आरोप लगाया है। मुंडे ने दावा किया है कि जीएसटी नोटिस उनके परिवार को निशाना बनाने के लिए जारी किया गया है, और राज्य की अन्य चीनी मिलों को इस तरह से निशाना नहीं बनाया जा रहा है।
मुंडे ने कहा कि उनके पिता दिवंगत गोपीनाथ मुंडे ने बड़ी मुश्किल से चीनी मिल शुरू की थी और उन्होंने कठिनाइयों के बावजूद इसे चलाया। उन्होंने कहा कि कोविड-19 महामारी के दौरान स्थिति कठिन हो गई और अब फैक्ट्री बैंक के कब्जे में है।
मुंडे ने कहा कि अन्य चीनी मिलों को केंद्र सरकार से वित्तीय सहायता मिल रही है, लेकिन उनकी चीनी मिल को छोड़कर किसी अन्य मिल को जीएसटी नोटिस नहीं मिला है। उन्होंने आरोप लगाया कि अगर उन्हें वित्तीय सहायता मिली होती तो यह स्थिति पैदा नहीं होती।
मुंडे ने कहा कि वह जीएसटी नोटिस का जवाब देंगी और सरकार से भेदभावपूर्ण रवैया नहीं अपनाने की अपील करेंगी।
मुंडे के allegations का सरकार ने अभी तक कोई जवाब नहीं दिया है।
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