Mathura, Uttar Pradesh, India. उत्तर प्रदेश के मथुरा में श्रीकृष्ण जन्मभूमि स्थान विवाद से जुड़े मामले में लगातार नये मोड़ आ रहे हैं। जन्मभूमि से सटी 17वीं सदी की ईदगाह मस्जिद को हटाने के मुकदमे में नेताजी सुभाषचंद्र बोस की प्रपौत्री और हिन्दू महासभा की राष्ट्रीय अध्यक्ष राज्यश्री चौधरी ने भी पक्षकार बनने की कोर्ट से अपील की है।
डिक्री को निरस्त किया जाए
शहीद सुभाष चंद्र बोस की प्रपौत्री एवं महासभा की राष्ट्रीय अध्यक्ष राज्यश्री चौधरी ने डेंपियर नगर स्थित स्कूल में पत्रकारों को स्वयं यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि उपाध्यक्ष अनिल कुमार त्रिपाठी, ट्रेजरार दिनेश चंद शर्मा व उनके द्वारा बुधवार को दाखिल प्रार्थना पत्र में कहा गया है कि जन्मस्थान के मामले में किए गए समझौते और डिक्री को निरस्त किया जाए। प्रार्थना पत्र में कहा है कि श्रीकृष्ण विराजमान की ओर से किए गए दावे के समर्थन में है।
श्रीकृष्ण जन्मभूमि के पास ईदगाह गलत
शहीद सुभाष चंद्र बोस की प्रपौत्री एवं अखिल भारतीय हिन्दू महासभा की राष्ट्रीय अध्यक्ष राज्यश्री ने बताया कि श्रीकृष्ण जन्मभूमि के पास स्थापित ईदगाह गलत है। इसके खिलाफ उन्होंने लड़ाई शुरू कर दी है। ईदगाह मुस्लिम धर्म के अनुसार भी ठीक नहीं है। कानून में विश्वास है। उन्हें उम्मीद है कि कानून में उनकी जीत होगी। इससे पहले राम जन्मभूमि मुक्ति आंदोलन में शामिल रहीं और अब वह श्री कृष्ण जन्म भूमि की मुक्ति के लिए हर संभव प्रयास करेंगी।
लखनऊ ने रंजना अग्निहोत्री की याचिका
यह याचिका बाल देवता भगवान श्रीकृष्ण विराजमान की ओर से रंजना अग्निहोत्री और अन्य पांच लोगों ने दायर की थी। रंजना लखनऊ की रहने वाली हैं। इस दावे में मांग की गई है कि मंदिर के 13.37 एकड़ के परिसर में स्थित मस्जिद कृष्ण जन्मस्थान की जमीन पर बनाई गई थी, इसलिए इसे हटाने का आदेश दिया जाए।
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