आगरा में कला का महाकुंभ: 20 दिवसीय कार्यशाला की प्रदर्शनी का भव्य शुभारंभ, एआई तकनीक और रचनात्मकता ने मोहा दर्शकों का मन

PRESS RELEASE

आगरा: शहर के कला प्रेमियों के लिए एक सुखद अनुभव सामने आया है। बुधवार को ललित कला संस्थान की आर्ट गैलरी में 20 दिवसीय कला कार्यशाला के समापन पर एक भव्य पेंटिंग प्रदर्शनी का शुभारंभ किया गया। राज्य ललित कला अकादमी, उत्तर प्रदेश और ललित कला संस्थान के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस प्रदर्शनी में छात्रों, बच्चों और गृहिणियों की अद्भुत सृजनात्मकता देखने को मिली।

उद्घाटन और प्रेरणा

प्रदर्शनी का विधिवत उद्घाटन वरिष्ठ कलाकार डॉ. अशोक कुमार सिंह ने दीप प्रज्वलित कर और फीता काटकर किया। इस दौरान संस्कार भारती ब्रज प्रांत के महामंत्री नंद नंदन गर्ग, ओम स्वरूप गर्ग, राज्य ललित कला अकादमी की सदस्या डॉ. आभा सिंह और संस्कृति भवन पुस्तकालय प्रभारी डॉ. सुनील उपाध्याय विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।

​संस्थान के निदेशक प्रो. संजय चौधरी और कुलपति प्रो. आशुरानी के मार्गदर्शन में आयोजित इस कार्यशाला के बारे में संयोजक एवं उपनिदेशक डॉ. मनोज कुमार ने बताया कि इस मंच का मुख्य ध्येय उभरती हुई प्रतिभाओं को अपनी रचनात्मक अभिव्यक्ति दिखाने का अवसर प्रदान करना है।

प्रदर्शनी के आकर्षण: एआई और पारंपरिक कला का संगम

प्रदर्शनी में 70 से अधिक पेंटिंग्स प्रदर्शित की गई हैं, जो प्रकृति, सामाजिक विषयों, समकालीन कला और पोर्ट्रेट्स पर आधारित हैं। इसमें दो चीजों ने सबसे अधिक ध्यान खींचा:

​एआई तकनीक: छात्र अभिषेक, राहुल, सौरभ, सृष्टि और कंचन द्वारा बनाए गए पोर्ट्रेट्स में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) तकनीक का प्रयोग किया गया, जिसने कला को एक आधुनिक और सौंदर्यपरक रूप दिया।

विविध सहभागिता: ज्योति माहेश्वरी, कामिनी तोमर, नीतू वर्मा जैसी गृहिणियों और अनेक छात्रों की कलाकृतियों ने यह साबित कर दिया कि कला की कोई उम्र नहीं होती।

​प्रशिक्षक मयंक प्रताप सिंह, हिमांशु और निवेदिता सिंह ने प्रतिभागियों को कला के सूक्ष्म गुर सिखाए, जिनकी मेहनत प्रदर्शनी की हर पेंटिंग में स्पष्ट दिखाई दे रही थी।

​15 जून तक खुला रहेगा कला का द्वार

​यह प्रदर्शनी 15 जून (सोमवार) तक प्रतिदिन सुबह 11 बजे से शाम 5 बजे तक ललित कला संस्थान की आर्ट गैलरी में आम नागरिकों और कला प्रेमियों के लिए खुली रहेगी। आयोजन को सफल बनाने में संस्थान के शिक्षकों दीपक कुलश्रेष्ठ, डॉ. शार्दूल मिश्रा, देवेंद्र कुमार सिंह और डॉ. ममता बंसल ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। राज्य ललित कला अकादमी के पदाधिकारियों ने सभी प्रतिभागियों को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है।

Dr. Bhanu Pratap Singh