आगरा (19 फरवरी, 2026): छत्रपति शिवाजी महाराज की 396वीं जयंती के अवसर पर ताजनगरी आगरा गुरुवार को देश के शीर्ष राजनीतिक दिग्गजों के केंद्र में रही। ऐतिहासिक आगरा किला के प्राचीर तले आयोजित भव्य राष्ट्रीय शिवजयंती उत्सव ने न केवल सांस्कृतिक विरासत को जीवंत किया, बल्कि एक मंच पर विभिन्न राज्यों के दिग्गजों की मौजूदगी ने इसे राष्ट्रीय महत्व प्रदान किया।
दिग्गज नेताओं का जमावड़ा:
अजिंक्य देवगिरी प्रतिष्ठान (छत्रपति संभाजीनगर) द्वारा आयोजित इस चौथे वार्षिक समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में राजस्थान के राज्यपाल हरिभाऊ बागड़े, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और केंद्रीय जलशक्ति मंत्री सी.आर. पाटील शामिल हुए। इनके साथ महाराष्ट्र के संस्कृति मंत्री आशीष शेलार और उत्तर प्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने भी शिवाजी महाराज की प्रतिमा पर श्रद्धासुमन अर्पित किए।
कड़ी सुरक्षा और प्रोटोकॉल:
इतने बड़े वीआईपी मूवमेंट को देखते हुए आगरा प्रशासन और पुलिस ने खेरिया एयरपोर्ट से लेकर आगरा किले तक सुरक्षा का अभेद्य घेरा बनाया था। एयरपोर्ट पर वरिष्ठ अधिकारियों ने वीआईपी मेहमानों की अगवानी की। कार्यक्रम के दौरान जहांगीर महल परिसर शिवाजी महाराज के ‘स्वराज’ और ‘स्वाभिमान’ के जयकारों से गूँज उठा।
ऐतिहासिक विमर्श का केंद्र:
प्रतिष्ठान के अध्यक्ष विनोद पाटिल ने बताया कि पिछले चार वर्षों से आगरा किले में आयोजित हो रहे इस कार्यक्रम का उद्देश्य शिवाजी महाराज की उस वीरता को याद करना है, जब उन्होंने इसी किले में औरंगजेब की सत्ता को सीधी चुनौती दी थी। इस जमावड़े ने एक बार फिर आगरा को देश के ऐतिहासिक और राजनीतिक विमर्श के केंद्र में ला खड़ा किया है।
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