गोरखपुर: चैत्र नवरात्रि की नवमी तिथि और प्रभु श्री राम के जन्मोत्सव के पावन अवसर पर गोरक्षपीठाधीश्वर एवं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखनाथ मंदिर में पारंपरिक श्रद्धा के साथ ‘कन्या पूजन’ संपन्न किया। मुख्यमंत्री ने मां सिद्धिदात्री की उपासना के बाद नौ कन्याओं को देवी स्वरूप मानकर उनका पूजन किया, जो सनातन संस्कृति में नारी शक्ति के प्रति अगाध सम्मान का प्रतीक है।
पांव पखारकर कराया भोजन, भेंट किए उपहार
अनुष्ठान की शुरुआत बुधवार सुबह गोरखनाथ मंदिर के शक्तिपीठ में हुई। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्वयं अपने हाथों से कन्याओं के पांव पखाले, उनके माथे पर तिलक लगाया और चुनरी ओढ़ाकर विधि-विधान से पूजन किया। इसके बाद उन्होंने कन्याओं को अपने हाथों से भोजन कराया और उन्हें दक्षिणा एवं उपहार प्रदान कर उनका आशीर्वाद लिया। इस दौरान सीएम ने बटुक भैरव का भी पूजन कर गोरक्षपीठ की परंपरा का निर्वहन किया।
”नवमी तिथि सुख-समृद्धि और सिद्धि प्रदान करने वाली”: सीएम योगी
पूजन के उपरांत प्रदेशवासियों को बधाई देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा ”नवरात्रि की नवमी तिथि मां की कृपा से सभी प्रकार की सिद्धियों को प्रदान करने वाली और जीवन में सुख-समृद्धि लाने वाली है। मैं कामना करता हूँ कि मां दुर्गा का आशीर्वाद उत्तर प्रदेश के हर नागरिक पर बना रहे और सभी के जीवन में खुशहाली आए।”
मर्यादा पुरुषोत्तम राम: भारतीय जीवन पद्धति के आदर्श
भगवान राम के जन्मोत्सव पर चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रभु श्री राम भारतीय सनातन परंपरा और जीवन पद्धति के सर्वोच्च आदर्श हैं। वे हर भारतीय के लिए धैर्य, मर्यादा और धर्म के मार्ग पर चलने की निरंतर प्रेरणा देते हैं।
अनुष्ठान की पूर्णाहुति
चैत्र नवरात्रि के प्रथम दिन से ही गोरखनाथ मंदिर में मां भगवती के विभिन्न स्वरूपों की पूजा जारी थी। मुख्यमंत्री ने अष्टमी की रात मां महागौरी की विशेष आराधना की और परंपरा के अनुसार हवन संपन्न किया। नवमी के इस कन्या पूजन के साथ ही नौ दिनों के अनुष्ठान की भव्य पूर्णाहुति हुई। आरती और प्रसाद वितरण के बाद मंदिर परिसर ‘जय माता दी’ और ‘जय श्री राम’ के उद्घोष से गुंजायमान रहा।
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