आगरा: मानवता और संवेदनशीलता की मिसाल पेश करते हुए आगरा के जिलाधिकारी अरविंद मल्लप्पा बंगारी ने जेल में बंद दिव्यांग कैदियों के जीवन को सुगम बनाने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित एक उच्च स्तरीय बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि जिला जेल और केंद्रीय कारागार (सेंट्रल जेल) में बंद दोषसिद्ध और विचाराधीन दिव्यांग बंदियों को अब कृत्रिम अंग एवं सहायक उपकरण प्रदान किए जाएंगे।
शासन की मंशा: हर दिव्यांग को मिले अधिकार
बैठक में बताया गया कि अब तक दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग द्वारा कृत्रिम अंग और उपकरण केवल ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को ही दिए जा रहे थे। जेलों में बंद पात्र दिव्यांग बंदी इस सुविधा से वंचित थे। शासन ने इस पर गंभीरता से विचार करते हुए अब कैदियों के लिए भी वित्तीय अनुदान स्वीकृत कर दिया है।
जेल में लगेंगे विशेष कैंप
जिलाधिकारी ने जेल प्रशासन को सख्त निर्देश दिए हैं कि जिला कारागार और केंद्रीय कारागार में विशेष कैंप आयोजित किए जाएं। इन कैंपों के माध्यम से पात्र दिव्यांग बंदियों के दिव्यांग प्रमाण पत्र तत्काल बनाए जाएंगे। पहचान के लिए आधार कार्ड की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। जरूरत के अनुसार कृत्रिम अंग और सहायक उपकरणों का वितरण सुनिश्चित किया जाएगा।
बैठक में रहे मौजूद
इस महत्वपूर्ण बैठक में केंद्रीय कारागार अधीक्षक ओ.पी. कटियार, जिला जेल अधीक्षक हरिओम शर्मा और जिला दिव्यांगजन सशक्तिकरण अधिकारी ज्ञान देवी सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे। प्रशासन की इस पहल से उन बंदियों को नई उम्मीद मिली है जो शारीरिक अक्षमता के कारण जेल की चाहरदीवारी में संघर्ष कर रहे थे।
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