भारतीय चुनाव आयोग पश्चिम बंगाल में शांतिपूर्ण और निष्पक्ष मतदान सुनिश्चित कराने के लिए आगामी चार चरणों के लोकसभा चुनावों में ‘प्रारंभिक कार्रवाई फॉर्मूला’ अपनाएगा।
समर्थकों को इकट्ठा होने से रोकेंगे
मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय के एक सूत्र ने ‘प्रारंभिक कार्रवाई फॉर्मूले’ को समझाते हुए शनिवार को कहा कि यह रणनीति बहुआयामी होगी। सबसे पहले, मतदान शुरू होने के पहले घंटे से ही केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल के जवान मतदान केंद्रों के आसपास राजनीतिक दलों के समर्थकों को इकट्ठा होने से रोकेंगे। सूत्र ने कहा, संभावित उपद्रवियों व अपराधियों के मामले में कठोर कार्रवाई की जाएगी।
नेताओं की लगातार निगरानी की जाएगी
दूसरा, चिन्हित किए गए प्रभावशाली स्थानीय नेताओं की लगातार निगरानी की जाएगी। उन्हें मतदान केंद्रों के पास अपने सहयोगियों के साथ लंबे समय तक इकट्ठा होने से रोका जाएगा। इसे मतदान शुरू होने के पहले घंटे से ही लागू कर दिया जाएगा।
कब लागू होगा प्रारंभिक कार्रवाई फॉर्मूला ?
तीसरा, आदतन अपराधियों को दिन भर के लिए हिरासत में लिया जाएगा और मतदान बंद होने के एक घंटे पहले रिहा किया जाएगा ताकि वे मतदान कर सकें। मुख्य निर्वाचन अधिकारी के कार्यालय के अंदरूनी सूत्रों ने कहा कि ‘प्रारंभिक कार्रवाई फॉर्मूला’ को सात मई को चुनाव के तीसरे चरण में एक सीमित सीमा तक लागू किया गया था। सूत्रों ने कहा, चौथे चरण से यह फॉर्मूला अधिक विस्तृत और सख्ती से लागू किया जाएगा।
-एजेंसी
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