-कोरोना काल में विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस पर आगरा विकास मंच ने किया जागरूक
-एसएन के मानसिक रोग विभागाध्यक्ष डॉ. आशुतोष गुप्ता ने बताए लक्षण और निदान
Agra, Uttar Pradesh, India. एसएन मेडिकल कॉलेज आगरा में मानसिक रोग विभागाध्यक्ष डॉ. आशुतोष गुप्ता ने कोविड-19 महामारी को दौरान बढ़े रहे अवसाद के मामलों पर चिन्ता प्रकट की। उन्होंने कहा- विश्व में सात में एक व्यक्ति अवसाद का शिकार है लेकिन कोरोना महामारी के कारण हर पांच में से दो व्यक्ति अवसाद के शिकार हो रहे हैं। इस बीमारी के प्रमुख लक्षण हैं- नींद न आना, भूख न लगना, हमेशा चिंता में डूबे, रहना उदास रहना, गुमसुम रहना, बातचीत न करना। इन लक्षणों को पहचानें और इलाज कराएं। मानसिक रोग का समय पर इलाज न कराने से पीड़ित व्यक्ति आत्महत्या जैसा कृत्य कर बैठता है।
शारीरिक के साथ मानसिक रूप से भी स्वस्थ रहना है
डॉ. गुप्ता विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस पर आगरा विकास मंच द्वारा महाराजा अग्रसेन सेवा सदन में आयोजित जागरूकता कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्य अतिथि के रूप में डॉ. आशुतोष गुप्ता ने आगरा विकास मंच के संस्थापक अध्यक्ष स्वर्गीय अशोक जैन सीए की तस्वीर पर माल्यार्पण कर कार्यक्रम का उद्घाटन किया। आगरा विकास मंच के अध्यक्ष राजकुमार जैन ने अतिथियों का स्वागत किया। डॉ. आशुतोष गुप्ता का सभी से परिचय कराया। मंच के संयोजक सुनील कुमार जैन ने कहा कि अवसाद की बीमारी निरंतर तीव्र गति से बढ़ रही है। इसके निदान की महती आवश्यकता है। हमें शारीरिक के साथ मानसिक रूप से भी स्वस्थ रहना है। इसी कारण यह कार्यक्रम आयोजित किया गया है।
बीमारी छुपाए नहीं
आगरा विकास मंच के मेडिकल प्रकोष्ठ के चेयरमैन डॉक्टर सुनील शर्मा ने अपने उद्बोधन में कहा यह एक गंभीर बीमारी है। इससे हर उम्र और वर्ग के व्यक्ति ग्रसित हो रहे हैं। इस बीमारी को हमें छुपाना नहीं है। समय रहते इलाज कराना बहुत जरूरी है। यह गलतफहमी है कि मानसिक रोग की दवाएं कभी बंद नहीं होती हैं। जैसे अन्य बीमारियों की दवा बंद हो जाती है, वैसे ही मानसिक रोगों की दवा बंद हो जाती है।
कैसे बचें इस समस्या से
डॉ. गुप्ता ने बताया कि महामारी की वजह से नौकरी जाने का खतरा, व्यापार में मंदी, आर्थिक परेशानियां हैं। लोगों से आपस में मिलना-जुलना बंद हो गया है। कोरोनावायरस की बीमारी लगने का खतरा है। परिवार में बच्चों की पढ़ाई की चिंता है। अपने भविष्य की चिंता है। इस कारण भी लोग मानसिक रूप से बीमार हो रहे हैं। इन सबसे बचने का उपाय है ठीक समय पर सोना, ठीक समय पर उठना, नींद पूरी लेना, संतुलित आहार लेना, समय पर भोजन करना, मॉर्निंग वॉक पर जाना, एक्सरसाइज करना, योगा करना, चिंता नहीं करना, आपस में बातचीत करना। अगर महामारी की वजह से आपस में नहीं मिल सकते हैं तो टेलीफोन पर आपस में बातचीत करके अपने मन को हल्का कर सकते हैं। अगर आपको अवसाद की बीमारी के जरा भी लक्षण हैं तो इसको छुपाए नहीं, विशेषज्ञ डॉक्टर की सलाह लें और इसका इलाज करें नहीं तो यह बीमारी उग्र रूप धारण कर लेती है। इससे परेशान लोग सुसाइड करने के लिए भी तैयार हो जाते हैं।
सवाल और जवाब
महामंत्री सुशील जैन ने डॉक्टर आशुतोष गुप्ता से प्रश्न किया कि आर्थिक रूप से संपन्न, बड़े-बड़े सेलिब्रिटी हैं भी अवसाद के कारण सुसाइड कर लेते हैं, इसका क्या कारण है? डॉक्टर गुप्ता ने जवाब दिया कि हो सकता है कि इनकी कोई अन्य व्यक्तिगत परेशानी हो या पारिवारिक जेनेटिक अवसाद की बीमारी भी हो सकती है। विश्व हिन्दू परिषद के नेता शुभम सोनी ने प्रश्न किया कि उनके एक परिचित ने प्यार में असफल होने के कारण तुरंत सुसाइड कर लिया, ऐसा क्यों? डॉक्टर गुप्ता ने कहा इस तरह की समस्या अक्सर होती रहती है। अगर समय रहते ऐसे व्यक्ति को समझदारी से समझाने का कार्य न किया जाए तो सुसाइड कर लेते हैं। भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता विमल जैन ने भी प्रश्न पूछे।

इनकी खास भूमिका
इस कार्यक्रम में मंच के संयोजक अरविंद शर्मा गुड्डू, महेंद्र जैन, दीपक जैन, निखिल जैन, रविंद्र अग्रवाल, जयराम दास, मनोज, महावीर सेवा संगठन के संयोजक विमल जैन, मनोज गुंबर, मनमोहन, रामलाल आश्रम के विनय शर्मा व लव शर्मा आदि उपस्थित रहे। कार्यक्रम में सोशल डिस्टेंस के नियम का पालन किया गया। कार्यक्रम के अंत में आगरा विकास मंच के अध्यक्ष राजकुमार जैन ने आभार प्रकट दिया। संचालन सुशील जैन ने किया।
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