दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन को मनी लॉन्ड्रिंग मामले में दिल्ली की राउज़ एवेन्यू अदालत ने 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है. उन्हें 30 मई को ईडी ने इस मामले में गिरफ़्तार किया था.
न्यूज़ एजेंसी एएनआई के अनुसार हवाला लेन-देन का ये मामला कोलकाता की एक कंपनी से जुड़ा है. ईडी ने दिल्ली में सत्येंद्र जैन से जुड़े ठिकानों पर छापेमारी भी की थी.
दिल्ली के गृह और स्वास्थ्य विभाग के अलावा सत्येंद्र जैन के पास ऊर्जा, लोक निर्माण विभाग, उद्योग, शहरी विकास, बाढ़ और सिंचाई और जल संसाधन जैसे विभागों की जिम्मेदारी है.
ईडी ने पिछले महीने कहा था कि जैन परिवार और उनके द्वारा नियंत्रित और उनके स्वामित्व वाली अकिंचन डेवलेपर्स प्राइवेट लिमिटेड और इंडो मेटल इंपेक्स प्राइवेट लिमिटेड और अन्य कंपनियों की 4.81 करोड़ रुपए की परिसंपत्तियां ज़ब्त की हैं.
इन कंपनियों में सत्येंद्र जैन के अलावा उनकी पत्नी पूनम जैन की भी हिस्सेदारी बताई जा रही है. ज़ब्ती की ये कार्रवाई सत्येंद्र जैन के ख़िलाफ़ चल रहे मनी लॉन्ड्रिंग केस की जांच के सिलसिले में हुई थी.
दरअसल, सीबीआई ने सत्येंद्र जैन के ख़िलाफ़ 25 अगस्त, 2017 को पैसे के अवैध लेन-देन का मामला दर्ज किया था. इसी एफ़आईआर के आधार पर ईडी ने भी जैन के ख़िलाफ़ केस दर्ज किया था. साल 2018 में ईडी ने इस केस के सिलसिले में उनसे पूछताछ भी की थी.
ईडी का आरोप है कि सत्येंद्र जैन अपनी शेयर होल्डिंग वाली इन चार कंपनियों में निवेश किए गए पैसे का स्रोत नहीं बता सके.
-एजेंसियां
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