यूपी की बेटियों को मिलेगी ‘रफ्तार’: मेधावी छात्राओं के लिए सीएम योगी ने किया ‘लक्ष्मीबाई स्कूटी योजना’ का एलान

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लखनऊ। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर रविवार को इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित राज्यस्तरीय समारोह में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश की आधी आबादी के लिए सौगातों का पिटारा खोल दिया। मुख्यमंत्री ने महिला सशक्तिकरण को नई ऊंचाई देते हुए ‘लक्ष्मीबाई स्कूटी योजना’ लॉन्च करने की घोषणा की। इसके साथ ही उन्होंने एलान किया कि आगामी शारदीय नवरात्रि से ‘मिशन शक्ति’ अभियान का अगला चरण पूरे प्रदेश में प्रभावी ढंग से शुरू किया जाएगा।

​मेधावी छात्राओं को मिलेगी स्कूटी

​मुख्यमंत्री ने बताया कि ‘लक्ष्मीबाई स्कूटी योजना’ के प्रथम चरण में स्नातक (Graduation) और परास्नातक (Post-Graduation) के अंतिम वर्ष की मेधावी छात्राओं को शामिल किया जाएगा। इस योजना का उद्देश्य बेटियों को शिक्षा और करियर के क्षेत्र में अधिक गतिशील और आत्मनिर्भर बनाना है। योगी आदित्यनाथ ने जोर देकर कहा कि बिना आधी आबादी की भागीदारी के किसी भी समाज का पूर्ण विकास संभव नहीं है।

पीएम मोदी का ‘5-टी’ मॉडल और यूपी का बदलाव

​संबोधन के दौरान मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन की सराहना करते हुए कहा कि 2017 के बाद उत्तर प्रदेश में जो अभूतपूर्व परिवर्तन आया है, उसके मूल में ‘5-टी’ (5-T) सिद्धांत है:

​ट्रेडिशन (Tradition): सांस्कृतिक गौरव
​टेक्नोलॉजी (Technology): आधुनिक तकनीक
​ट्रांसपेरेंसी (Transparency): शासन में पारदर्शिता
​ट्रस्ट (Trust): जनता का विश्वास
​ट्रांसफॉर्मेशन (Transformation): समग्र परिवर्तन

उन्होंने कहा कि जब ये पांचों तत्व मिलते हैं, तो विकास की गति स्वतः बढ़ जाती है।

सुरक्षा ही सशक्तिकरण की पहली शर्त

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि महिला सशक्तिकरण के लिए सुरक्षा सबसे अनिवार्य शर्त है। सुरक्षा मिलने पर आत्मविश्वास बढ़ता है और यही आत्मविश्वास आत्मनिर्भरता का मार्ग प्रशस्त करता है। उन्होंने गर्व के साथ बताया कि उत्तर प्रदेश में महिला कार्यबल (Female Workforce) की भागीदारी जो पहले मात्र 13 प्रतिशत थी, अब बढ़कर 36 से 37 प्रतिशत तक पहुंच गई है। प्रदेश के 20 हजार स्टार्टअप्स में से आधे से अधिक का संचालन महिलाएं कर रही हैं।

संसद और विधानसभा में बढ़ेगी भागीदारी

​मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री के ‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’ अभियान का जिक्र करते हुए कहा कि केंद्र और राज्य सरकार की साझा कोशिशों का परिणाम है कि अब बेटियों को हर क्षेत्र में समान अवसर मिल रहे हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले समय में संसद और विधानसभाओं में भी महिलाओं की भागीदारी का नया अध्याय शुरू होगा।

Dr. Bhanu Pratap Singh