Aligarh (Uttar Pradesh, India) । कोरोना वायरस संक्रमण के दृष्टिगत अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के अंतर्गत जामा मस्जिद सहित किसी भी मस्जिद में ईद-उल-फितर की नमाज अदा नहीं की जायेगी। विश्वविद्यालय के नाजिम दीनियात प्रो. मोहम्मद सलीम ने कहा कि सभी मुस्लमान अपने घरों में ईद के बजाय नमाजे चाश्त अदा करें तथा जनस्वास्थय से संबंधित संस्थाओं के दिशानिर्देशों का पालन करते हुए सामाजिक दूरी बनाये रखें। उन्होंने कहा कि ईद की नमाज फर्ज नहीं है तथा ऐसे समय में जब जनस्वास्थय को बड़े खतरे का सामना है, लोग इस्लामी सिद्धांतों के अनुरूप वैकल्पिक नमाज अदा कर सकते हैं।
विशेष भोजन की व्यवस्था
उन्होंने जोर देते हुए कहा कि नमाज से पूर्व सदका-ए-फित्र अदा करना अनिवार्य है तथा ईद की नमाज मस्जिद में न होने के बावजूद लोगों को चाहिये कि वह अपना सदका पात्र लोगों को अदा करें। कोराना वायरस संक्रमण के खतरे के कारण कुलपति की ओर से छात्रों के लिए आयोजित किया जाने वाला ईद मिलन कार्यक्रम इस वर्ष आयोजित नहीं किया जायेगा। कुलपति ने आवासीय हालों को विशेष फंड प्रदान किया है ताकि जो छात्र-छात्रायें अब भी हालों में मौजूद हैं उनके लिए विशेष भोजन की व्यवस्था की जा सके।
कमजोर वर्ग की सहायता करें
इस बीच कुलपति प्रो. तारिक मंसूर ने अमुवि के सभी शिक्षकों, वर्तमान एवं पूर्व छात्रों तथा देश के सभी नागरिकों को ईद के अवसर पर बधाई देते हुए आग्रह किया है कि वह इस अवसर पर समाज के कमजोर वर्ग की बढ़-चढ़कर सहायता करें। उन्होंने कोविड-19 की रोकथाम के लिए जन स्वास्थय विभाग की ओर से जारी दिशा निर्देशों का पालन करने के लिए भी लोगों से आग्रह किया है।
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