काशी को बदनाम करने की साजिश? भ्रामक फोटो-वीडियो फैलाने वालों पर वाराणसी पुलिस का शिकंजा, BNS की गंभीर धाराओं में मुकदमा

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वाराणसी। मणिकर्णिका घाट से जुड़ी कथित मढ़ी और मूर्ति तोड़ने की अफवाहों को लेकर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के वाराणसी दौरे के बाद मामला गंभीर माना गया और कार्यदायी संस्था GVS इंजीनियरिंग कंसल्टेंट के प्रोजेक्ट मैनेजर की तहरीर पर थाना चौक में आठ लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।

प्रोजेक्ट मैनेजर मानो पंच्चामल (निवासी रामानाथपुरम, तमिलनाडु) ने पुलिस को दी तहरीर में आरोप लगाया कि मणिकर्णिका घाट पर चल रहे सौंदर्यीकरण एवं विकास कार्य को लेकर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर AI जनरेटेड और भ्रामक फोटो-वीडियो प्रसारित किए गए। इन पोस्टों के जरिए यह दावा किया गया कि रानी अहिल्याबाई होल्कर की मूर्ति तोड़ दी गई है, जबकि शिकायतकर्ता के अनुसार यह बात पूरी तरह गलत है।

सोशल मीडिया पर फैलाया गया भ्रम

तहरीर के मुताबिक X हैंडल Ashutosh Potnis (@daksinapathpati) द्वारा 16 जनवरी 2026 की रात 10:02 बजे कुछ तस्वीरें और वीडियो पोस्ट किए गए, जिन्हें बाद में अन्य यूजर्स ने रीपोस्ट और कमेंट कर तेजी से वायरल कर दिया। आरोप है कि इस सामग्री के जरिए हिंदू देवी-देवताओं में आस्था रखने वाले लोगों को भ्रमित कर समाज में आक्रोश फैलाने की कोशिश की गई।

सरकार और विरासत को बदनाम करने का आरोप

शिकायत में यह भी कहा गया है कि कुछ पोस्टों में भारत सरकार को विदेशी आक्रांता औरंगजेब से जोड़ने जैसी आपत्तिजनक तुलना की गई, जिससे लोगों की भावनाएं भड़क सकती थीं। लगातार कमेंट्स और रीट्वीट्स के कारण माहौल तनावपूर्ण होने लगा।

BNS की धाराओं में दर्ज हुआ मुकदमा

प्रोजेक्ट मैनेजर की शिकायत पर पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 196, 298, 299 और 353 के तहत अलग-अलग अभियोग दर्ज किए हैं। आरोप है कि नामजद लोगों ने सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने, जनता में आक्रोश फैलाने और मणिकर्णिका घाट के विकास कार्य को बदनाम करने के उद्देश्य से भ्रामक सामग्री प्रसारित की।

प्रशासन का संदेश—साजिश बर्दाश्त नहीं

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि मणिकर्णिका घाट पर विकास कार्य नियमों के अनुरूप चल रहा है और किसी भी तरह की अफवाह फैलाकर काशी की छवि खराब करने की कोशिश को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। मामले की जांच जारी है और दोषियों के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।

Dr. Bhanu Pratap Singh