Mathura (Uttar Pradesh, India)। मथुरा। चतुर्मास के नियमों में लॉकडाउन का रहस्य छिपा है। यह मानना है धर्म नगरी के विद्वानों का। कोरोना संकट काल में जनता ने पहली बार लॉकडाउन को समझा। हालांकि सनातन धर्म में चर्तुमास के रूप में प्रतिवर्ष वर्षा काल के चार महीने लॉकडाउन के होते हैं। यहां तक कि इस दौरान शुभ कार्या भी प्रतिबंधित रहते हैं। शादी व्यवाहर तक नहीं हो सकते। अनावश्यकरूप से लोगों के लिए बाहर निकलने की मनाहीं होती है। जरूरी है कि इस दौरान जो जहां है वहीं बना रहे।
बरसात के मौसम में संचारी रोगों का खतरा। महामारी फैलने की भी आशंका बनी रहती है
पं.अमित भारद्वाज का कहना है कि कोरोना काल में लगाये गये लॉकडाउन का अर्थ यही निकलता है कि जितना संभव हो एक स्थान पर रहें, स्थिर रहें, अनावश्यकरूप से आवागमन न करें। ऐसे आयोजनों से बचें जिनमें भीडभाड रहती है। खानपान का विशेष ध्यान रहें जिससे इम्यूनिटी बढे। चतुर्मास भी यही सब करने को कहता है।
बरसात के मौसम में संचारी रोग तेजी से फैलते हैं। महामारी फैलने की भी आशंका बानी रहती है। त्वचा रोग भी होते हैं और मौसमी बीमारियां भी पैर पसारती हैं। शाकाहारी होना ही पर्याप्त नहीं है। शकाहार में भी इन महीनों में बहुत कुछ ऐसा है जिसका सेवान वर्जित रहता है, जबकि भोजन कैसा रहे यह भी महीनों के हिसाब से तय है।
चातुर्मास बदलते मौसम के साथ कुछ सावधानी के साथ खुद को बदलने का समय
यह कहना है धर्म नगरी के ज्योतिषाचार्य पं. कामेश्वर नाथ चतुर्वेदी का। उन्होंने बताया कि चातुर्मास, यानि बदलते मौसम के साथ कुछ एहतियात बरतते हुए खुद को बदलने का समय। 1 जुलाई से 25 नवंबर तक चातुर्मास रहेगा। हिंदू धर्म के साथ जैन और बौद्ध धर्मों में भी चातुर्मास का विशेष महत्व बताया गया है। चातुर्मास वर्षाकाल का समय होता है और इस दौरान जैन और बौद्ध मुनि अपना विहार बंद करके एक ही जगह रहकर जप-तप-मौन साधना आदि करते हैं।
चार माह खानपान में अत्यंत सावधानी बरतने
चातुर्मास का महत्व केवल धार्मिक ही नहीं है, बल्कि वैज्ञानिक दृष्टिकोण से भी ये चार माह खानपान में अत्यंत सावधानी बरतने के होते हैं। ये चार माह बारिश के होते हैं। इस समय हवा में नमी काफी बढ़ जाती है जिसके कारण बैक्टीरिया, कीड़े, जीव जंतु आदि बड़ी संख्या में पनपते हैं। चिकित्सा विशेषज्ञ बता रहे हैं कि इस दौरान कोरोना भी तेजी से फैलेगा।
बारिश का दौर अब शहर में शुरू होने वाला है। सर्दी, खांसी, जुकाम के साथ वायरल की शिकायत होगी। इसी के साथ कोरोना संक्रमण भी जोर पकड़ेगा। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग ने तैयारियां शुरू कर दी हैं।
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