Agra, Uttar Pradesh, India. कांग्रेस ने 25 जून, 1975 की रात्रि में इमरजेंसी लगा दी। इसके खिलाफ देशव्यापी अभियान चला। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने खासतौर पर योजनाब्द्ध तरीके से विरोध किया। लाखों स्वयंसेवक जेल में डाल दिए गए। जेल में यातनाएं दी गईं लेकिन ये जांबाज टूटे नहीं। अब इन्हें लोकतंत्र रक्षक सेनानी कहा जाता है। उत्तर प्रदेश सरकार इन्हें हर माह 20 हजार रुपये मानदेय के रूप में देती है। इन लोकतंत्र रक्षक सेनानियों को भारतीय जनता पार्टा ने सम्मानित कर कृतज्ञता व्यक्त की।
भाजपा बृज क्षेत्र कार्यालय जयपुर हाउस पर कोविड- 19 की गाइडलाइंस का पालन करते हुए कार्यक्रम हुआ। अध्यक्षता भाजपा महानगर अध्यक्ष भानु महाजन ने की। बतौर मुख्य अतिथि आमंत्रित किए गए प्रदेश सह संगठन मंत्री कर्मवीर सिंह एवं सांसद श्री एसपी सिंह बघेल जी ने संयुक्त रूप से 60 लोकतंत्र रक्षक सेनानियों को विशेष रूप से सम्मानित किया। उनके संघर्षों पर प्रकाश डाला ।
इस अवसर पर लोकतंत्र सेनानी संघ अध्यक्ष जग्गा, विधायक पुरुषोत्तम खंडेलवाल, सह विभाग संघचालक विजय गोयल, अशोक कोटिया, सतीश अग्रवाल, कुलभूषण शर्मा, विश्वामित्र महाजन, महावीर, यादवेंद्र शर्मा, हेमंत भोजवानी, नवीन गौतम, रश्मि सिंह, मनोज राजौरा, अनिल शर्मा, विवेक पाठक, महेश शर्मा, प्रमोद वाल्मीकि आदि पदाधिकारियों ने विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम संयोजक एवं महानगर उपाध्यक्ष राजकुमार गुप्ता ने संचालन किया ।
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