लंबे समय से जाम का सामना कर रहे उत्तर और दक्षिण बिहार का फासला कम हो गया। मंगलवार को केंद्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्री नितिन गडकरी और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने महात्मा गांधी सेतु की नई पूर्वी लेन का भी उद्घाटन कर दिया। अब न आम लोगों को न जाम की परेशानी होगी और न रफ्तार की। लोग महज 15 मिनट में हाजीपुर से पटना पहुंच सकेंगे। कुछ समय पहले ही गांधी सेतु की हालत ऐसी हो गई थी कि ये कभी भी टूट सकता था। लेकिन देश में पहली बार ऊपरी हिस्से को हटाकर किसी पुल को सुपर स्ट्रक्चर से बदल दिया गया। इससे पहले साल 2020 में गांधी सेतु के पश्चिमी लेन को भी इसी तरह से बदला गया था। दोनों लेन का काम पूरा होने के बाद अब गांधी सेतु पूरी तरह से नए लुक में तैयार हो चुका है।
अब जाम नहीं, रफ्तार से कीजिए बातें
पश्चिमी लेन की तरह ही पूर्वी से 7 जून 2022 से अप और डाउन लेन से गाड़ियों का परिचालन शुरु हो गया। इसके साथ ही इस पुल पर चलने वाले अपनी गाड़ी 80 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार भरेंगी। उत्तर बिहार से दक्षिण बिहार को जोड़ने वाले महात्मा गांधी सेतु की नई लेनों से अब लोगों को जाम का सामना नहीं करना पड़ेगा बल्कि गाड़ियां सीधे रफ्तार से बात करेंगी।
अब घंटों में नहीं, बल्कि मिनटों में पटना से हाजीपुर
उद्घाटन और परिचालन शुरू होने बाद पूर्वी लेन से पटना की दूरी महज 15 मिनट की रह गई है। लगभग साढ़े पांच किलामीटर लंबे पुल पर अब गाड़ियां 80 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से चल रही हैं। यूं समझिए कि अब पटना से हाजीपुर जाने में सिर्फ 15 मिनट लगेंगे। नई लेनों को तैयार करते वक्त इस बात का ध्यान रखा गया है कि लोगों को इस पुल पर सफर करने में परेशानी न हो। रफ्तार बरकरार रहे और हादसे भी न हों। इसके लिए बिहार की लाइफ लाइन कहे जाने वाले महात्मा गांधी सेतु पर पैदल चलने वालों और साइकिल से चलने वालों के लिए अलग से लेन बनाया गया है।
-एजेंसियां
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