आगरा: तहसील सदर के अंगूठी गांव में स्थित विशाल तालाब को आखिरकार तीन वर्षों के लंबे संघर्ष और कानूनी प्रक्रिया के बाद अवैध कब्जों से मुक्त करा लिया गया है। बुधवार को प्रशासन ने भारी पुलिस बल की मौजूदगी में तालाब की भूमि पर बने मंदिर, मस्जिद और मजार सहित अन्य अवैध निर्माणों को ध्वस्त कर दिया।
क्या था मामला?
अंगूठी गांव का यह तालाब खसरा संख्या 486-क में दर्ज है और लगभग 4.99 हेक्टेयर क्षेत्र में फैला है। स्थानीय निवासी भूरी सिंह ने वर्षों से हो रहे इस अतिक्रमण के खिलाफ मोर्चा खोला था। जब स्थानीय स्तर पर कोई ठोस समाधान नहीं निकला, तो वर्ष 2024 में यह मामला नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) में पहुँचा। एनजीटी ने तालाब की भूमि से सभी अवैध अतिक्रमण हटाने के सख्त निर्देश दिए थे।
प्रशासन की बड़ी कार्रवाई
एनजीटी के आदेश के बाद प्रशासन ने मौके का सर्वे किया, जिसमें पाया गया कि लगभग 200 वर्ग मीटर में मंदिर, 196 वर्ग मीटर में मस्जिद और 44 वर्ग मीटर में मजार का निर्माण किया गया था। इनके अलावा, लगभग दर्जनभर अन्य लोगों ने भी तालाब की भूमि पर कब्जा कर रखा था।
एडीएम (वित्त एवं राजस्व) संदीप वर्मा और एसडीएम सदर सचिन राजपूत ने इस अभियान का नेतृत्व किया। प्रशासन की सख्ती का असर यह हुआ कि कई लोगों ने स्वयं ही अपने कब्जे हटा लिए थे, जबकि शेष बचे अवैध निर्माणों को बुधवार को बुलडोजर चलाकर हटा दिया गया।
जल स्रोतों के पुनर्जीवन की उम्मीद
यह कार्रवाई आगरा में सरकारी भूमि और जल स्रोतों को अतिक्रमण मुक्त कराने के व्यापक अभियान का हिस्सा है। गौरतलब है कि इससे एक दिन पूर्व आगरा कॉलेज के पास स्थित मजार को भी हटाया गया था।
तालाब के कब्जा मुक्त होने से स्थानीय ग्रामीणों में खुशी है। अब स्थानीय लोग प्रशासन से इस तालाब के पुनर्जीवन और संरक्षण की मांग कर रहे हैं, ताकि वर्षा जल संचयन और भूजल स्तर को सुधारने में इसे फिर से उपयोगी बनाया जा सके।
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