आगरा से राजगढ़ तक गूंजेगा ‘जय भवानी, जय शिवाजी’ का जयघोष: 1253 किमी लंबी गरुड़ झेप यात्रा का भव्य शुभारंभ, 200 धावक और साइकिल सवार शामिल

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आगरा से सोमवार को छत्रपति शिवाजी महाराज की स्मृति में 1253 किलोमीटर लंबी गरुड़ झेप यात्रा का शुभारंभ हुआ। लाल किला के सामने शिवाजी प्रतिमा स्थल से शुरू हुई यात्रा में 100 धावक और 100 साइकिल सवार शामिल हुए। महाराष्ट्र सरकार के मंत्रियों और शिवाजी महाराज के सेनापतियों के 14वें वंशजों की मौजूदगी में प्रतिमा का 101 किलो जल से अभिषेक किया गया। यात्रा चार राज्यों के 78 शहरों से होकर राजगढ़ पहुंचेगी। वहीं आगरा के कोठी मीना बाजार में 50 फुट से अधिक ऊंची प्रतिमा के साथ भव्य शिवाजी स्मारक एवं संग्रहालय बनाने की योजना है, जिसके लिए प्रदेश सरकार ने 9 करोड़ रुपये जारी किए हैं।

आगरा में ‘जय भवानी, जय शिवाजी’ के जयघोष से सोमवार को लाल किला के सामने स्थित छत्रपति शिवाजी महाराज की प्रतिमा स्थल गूंज उठा। 17 अगस्त 1666 को मुगल शासक औरंगजेब की कैद से मुक्त होकर छत्रपति शिवाजी महाराज के आगरा से निकलने की ऐतिहासिक घटना की स्मृति में 1253 किलोमीटर लंबी गरुड़ झेप यात्रा का भव्य शुभारंभ किया गया।

महाराष्ट्र के शिवाजी महाराज के सेनापतियों के 14वें वंशजों की सहभागिता में पिछले सात वर्षों से लगातार आयोजित हो रही यह यात्रा आगरा से राजगढ़ तक जाएगी। गरुड़छेप मुहिम संस्था के बैनर तले आयोजित यात्रा में इस बार 100 धावक और 100 साइकिल सवार शामिल हुए हैं।

यात्रा का शुभारंभ उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री योगेंद्र उपाध्याय, महाराष्ट्र सरकार के कैबिनेट मंत्री जयकुमार रावल और मंत्री भरत सेठ गोगावले ने छत्रपति शिवाजी महाराज की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर संयुक्त रूप से किया।

जल से हुआ शिवाजी प्रतिमा का जलाभिषेक

कार्यक्रम की शुरुआत देशभर के शिवाजी महाराज से जुड़े स्थानों से लाए गए जल से प्रतिमा के जलाभिषेक के साथ हुई। उत्तर प्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय, महाराष्ट्र सरकार के प्रोटोकॉल एवं मार्केटिंग मंत्री जयकुमार रावल, मंत्री भरत सेठ गोगावले और महाराष्ट्र से आए शिवाजी महाराज के सेनापतियों के 14वें वंशजों ने प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उनके शौर्य, साहस, युद्ध कौशल और कार्यकुशलता को नमन किया। इस दौरान पूरा परिसर ‘हर-हर महादेव’, ‘जय भवानी’ और ‘जय शिवाजी’ के जयघोष से गूंजता रहा। बड़ी संख्या में मौजूद कार्यकर्ताओं और शिवाजी समर्थकों में कार्यक्रम को लेकर खासा उत्साह दिखाई दिया।

युवाओं के लिए प्रेरणा हैं छत्रपति शिवाजी

कैबिनेट मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने कहा कि छत्रपति शिवाजी महाराज का शौर्य, पराक्रम, वीरता और युद्ध कौशल आज भी युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत है। उन्होंने कहा कि पिछली सरकारों के कार्यकाल में देश के इतिहास और वीर योद्धाओं के शौर्य-पराक्रम को पर्याप्त सम्मान नहीं मिला, जबकि भाजपा सरकार में देश के वीर सैनिकों, अमर सपूतों, महान सेनानायकों और इतिहास के वास्तविक नायकों को सम्मान देने का काम किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि 17 अगस्त 1666 का दिन भारतीय इतिहास में विशेष महत्व रखता है। औरंगजेब की कड़ी निगरानी के बावजूद शिवाजी महाराज अपनी कार्यकुशलता और रणनीति के बल पर अपने पुत्र के साथ आगरा से निकलने में सफल रहे। यह घटना उनकी अद्भुत रणनीतिक क्षमता और साहस का प्रमाण है। योगेंद्र उपाध्याय ने कहा कि शिवाजी महाराज की वीरता और राष्ट्रीय एकता की भावना को नई पीढ़ी तक पहुंचाना जरूरी है।

शिवाजी ने औरंगजेब के अहंकार को दी थी चुनौती

महाराष्ट्र सरकार के कैबिनेट मंत्री जयकुमार रावल ने कहा कि क्रूर शासक औरंगजेब ने छत्रपति शिवाजी महाराज का अपमान कर उन्हें बंदी बनाने का प्रयास किया, लेकिन शिवाजी महाराज ने अपनी युद्धकला, रणनीति और कार्यान्वयन क्षमता के दम पर उसकी सत्ता और अहंकार को चुनौती दी। उन्होंने कहा कि शिवाजी महाराज ने हिंदवी स्वराज्य की स्थापना के लिए अपना पूरा जीवन समर्पित किया। आगरा से उनकी ऐतिहासिक मुक्ति आज भी साहस और रणनीति की मिसाल है।

जयकुमार रावल ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार ने छत्रपति शिवाजी महाराज के स्मारक के लिए 9 करोड़ रुपये की राशि देकर महाराष्ट्र और मराठी समाज के प्रति सम्मान व्यक्त किया है। उन्होंने यह भी कहा कि महाराष्ट्र सरकार जल्द ही 17 अगस्त को ‘शौर्य प्रेरणा दिवस’ के रूप में मनाने के लिए अध्यादेश जारी करेगी।

महाराष्ट्र सरकार के मंत्री भरत सेठ गोगावले ने कहा कि छत्रपति शिवाजी महाराज ने हमेशा अन्याय के खिलाफ आवाज बुलंद की। उन्होंने संकट के समय धैर्य बनाए रखने, समाज को संगठित करने और हिंदुत्व की भावना को जागृत करने का काम किया। उन्होंने कहा कि आज इतिहास की सच्चाई सामने आ रही है। आगरा में उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र सरकार के संयुक्त प्रयास से बनने वाला छत्रपति शिवाजी महाराज का भव्य स्मारक आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का केंद्र बनेगा। इससे उत्तर और दक्षिण भारत के बीच सांस्कृतिक एवं भावनात्मक एकता भी मजबूत होगी।

कोठी मीना बाजार में बनेगा भव्य शिवाजी स्मारक

कार्यक्रम में छत्रपति शिवाजी महाराज की आगरा यात्रा और उनके संघर्ष की स्मृतियों को स्थायी रूप देने की घोषणा भी की गई। कोठी मीना बाजार में भव्य छत्रपति शिवाजी स्मारक एवं संग्रहालय विकसित किया जाएगा। कैबिनेट मंत्री योगेंद्र उपाध्याय के मुताबिक यहां 50 फुट से अधिक ऊंची छत्रपति शिवाजी महाराज की भव्य प्रतिमा स्थापित की जाएगी।

संग्रहालय में शिवाजी महाराज की वीरता, कार्यकुशलता, युद्ध कौशल और आगरा से उनकी ऐतिहासिक मुक्ति से जुड़े प्रसंगों को प्रदर्शित किया जाएगा। उन्होंने बताया कि इस परियोजना के लिए उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से 9 करोड़ रुपये की धनराशि जिला प्रशासन को अवमुक्त की जा चुकी है। स्मारक बनने से आगरा और महाराष्ट्र के बीच सांस्कृतिक संबंध मजबूत होने के साथ पर्यटन को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

मराठी कलाकारों ने दिखाई प्राचीन युद्धकला

​कार्यक्रम के दौरान महाराष्ट्र और गोवा से आए कलाकारों ने प्राचीन युद्धकला का शानदार प्रदर्शन किया। छत्रपति शिवाजी महाराज के सेनापतियों के 14वें वंशजों की मौजूदगी में कलाकारों ने तलवारबाजी और लाठी कला के विभिन्न करतब प्रस्तुत किए। गोवा से आई महिला कलाकारों ने भी युद्धकला का प्रदर्शन कर दर्शकों को रोमांचित कर दिया। यात्रा संयोजक मारुति आभा गोले ने कहा कि शिवाजी महाराज की युद्धकला और रणनीति आज भी समाज को प्रेरणा देती है। गरुड़ झेप यात्रा उसी प्रेरणा को देशभर में पहुंचाने का माध्यम है।

चार राज्यों के 78 शहरों से होकर गुजरेगी यात्रा

​गरुड़ झेप यात्रा के संयोजक मारुति आभा गोले ने बताया कि इस बार यात्रा चार राज्यों के 78 शहरों से होकर राजगढ़ पहुंचेगी। आगरा से शुरू होने वाली यह यात्रा करीब 1253 किलोमीटर की दूरी तय करेगी। उन्होंने बताया कि पहली बार यात्रा पूरी करने में 35 दिन लगे थे और लगातार यात्रा के दौरान उनका वजन करीब 22 किलो कम हो गया था। इसके बावजूद शिवाजी महाराज के प्रति समर्पण और प्रेरणा के चलते यात्रा लगातार जारी है।

88 वर्षीय महिला का जज्बा बना आकर्षण

इस बार यात्रा में 88 वर्षीय मराठी बुजुर्ग महिला भी शामिल हैं, जिन्होंने करीब 1300 किलोमीटर तक साइकिल चलाने का संकल्प लिया है। उनकी उम्र के बावजूद यात्रा में शामिल होने का उत्साह लोगों के लिए प्रेरणा का विषय बना रहा। आयोजकों के मुताबिक उनका संकल्प यह संदेश देता है कि किसी महान उद्देश्य के प्रति समर्पण हो तो उम्र भी रास्ते की बाधा नहीं बनती।

मराठी परंपरा के अनुरूप हुआ भव्य स्वागत

छत्रपति शिवाजी महाराज गरुड़ झेप यात्रा का समर्थ गुरु रामदास एवं छत्रपति शिवराय प्रतिष्ठान संस्था की ओर से मराठी परंपरा के अनुरूप भव्य स्वागत किया गया। संस्था के अध्यक्ष डॉ. वात्सल्य उपाध्याय ने कहा कि हिंदुत्व और राष्ट्रभक्ति की प्रेरणा देने वाले महान वीर शासक छत्रपति शिवाजी महाराज की स्मृतियों को आगरा से राजगढ़ तक जोड़ने वाली यात्रा का स्वागत करना उनके लिए गौरव की बात है।

शिवाजी के सेनापति वंशजों का 100 सदस्यीय दल पहुंचा आगरा

महाराष्ट्र से करीब 100 सदस्यीय दल इस आयोजन में शामिल हुआ। इसमें छत्रपति शिवाजी महाराज के सेनापतियों के 14वें वंशज भी शामिल रहे। गरुड़ उड़ान मुहिम के अध्यक्ष मारुति गोले, उपाध्यक्ष दिग्विजय सर जे राव समेत बड़ी संख्या में पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने यात्रा में सहभागिता की।

आयोजकों ने कहा कि आगरा में छत्रपति शिवाजी महाराज की स्मृति में भव्य संग्रहालय और स्मारक बनने की दिशा में आगे बढ़ना उनके लिए गौरव का क्षण है। यह यात्रा इतिहास को नई पीढ़ी से जोड़ने का काम करेगी।

​बड़ी संख्या में लोग रहे मौजूद

गरुड़ झेप यात्रा के शुभारंभ अवसर पर महाराष्ट्र से आए शिवाजी महाराज के सेनापति वंशजों के साथ कैबिनेट मंत्री योगेंद्र उपाध्याय, महाराष्ट्र सरकार के कैबिनेट मंत्री जयकुमार रावल, मंत्री भरत सेठ गोगावले, कार्यक्रम अध्यक्ष डॉ. वात्सल्य उपाध्याय, डॉ. सिमरन उपाध्याय, विजय गोयल, करण सिंह धाकड़, नितिन सुहानी, अखिलेश अग्रवाल, अभय पोताडे सहित समर्थ गुरु रामदास एवं छत्रपति शिवराय प्रतिष्ठान से जुड़े पदाधिकारी और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे।

Dr. Bhanu Pratap Singh