मथुरा: अगर आप भी इस बार श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर कान्हा की नगरी मथुरा या वृंदावन जाने की योजना बना रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद जरूरी है। इस साल 2026 की जन्माष्टमी को लेकर मथुरा और वृंदावन में तैयारियां अपने अंतिम चरण में हैं। कान्हा के जन्मोत्सव को देखने के लिए दुनियाभर से आने वाले श्रद्धालुओं में जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है। हालांकि, भारी भीड़ और सुरक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए स्थानीय प्रशासन और मंदिर प्रबंधन ने दर्शन तथा ठहरने के नियमों में कई बड़े बदलाव किए हैं।
होटल, गेस्ट हाउस और आश्रम पूरी तरह से पैक
जन्माष्टमी से काफी दिन पहले ही वृंदावन और मथुरा के लगभग सभी प्रमुख होटल, गेस्ट हाउस और आश्रम पूरी तरह फुल हो चुके हैं। श्रद्धालुओं द्वारा एडवांस बुकिंग इतनी तेजी से कराई गई कि अब शहर में कोई भी कमरा मिलना बेहद मुश्किल हो गया है। अगर आप बिना बुकिंग के मथुरा या वृंदावन जाने की सोच रहे हैं, तो आपको ठहरने के लिए भारी मशक्कत करनी पड़ सकती है।
मंगला आरती में सिर्फ 600 श्रद्धालुओं को प्रवेश
इस बार की सबसे बड़ी और महत्वपूर्ण खबर बांके बिहारी मंदिर की प्रसिद्ध ‘मंगला आरती’ को लेकर है। जैसा कि सभी जानते हैं, प्रसिद्ध बांके बिहारी मंदिर में मंगला आरती साल में केवल एक ही बार, जन्माष्टमी की रात को होती है। इस विशेष आरती को देखने के लिए लाखों की संख्या में भीड़ उमड़ती है।
अतीत में हुई घटनाओं से सबक लेते हुए और मंदिर परिसर में सुरक्षा व्यवस्था को बनाए रखने के लिए प्रशासन ने एक बड़ा निर्णय लिया है। इस बार मंगला आरती के समय मंदिर प्रांगण के अंदर केवल 600 श्रद्धालुओं को ही प्रवेश की अनुमति दी जाएगी। इन 600 लोगों का चयन भी विशेष पास और तय व्यवस्था के तहत ही किया जाएगा।
होटल बुकिंग से नहीं मिलेगी आरती में प्रवेश की गारंटी
मंदिर प्रशासन ने श्रद्धालुओं के लिए एक महत्वपूर्ण चेतावनी भी जारी की है। प्रशासन ने पूरी तरह स्पष्ट कर दिया है कि यदि किसी श्रद्धालु ने वृंदावन में होटल या गेस्ट हाउस का कमरा बुक कर लिया है, तो इसका मतलब यह बिल्कुल नहीं है कि उसे मंगला आरती में प्रवेश मिल जाएगा। होटल बुकिंग से मंगला आरती या विशेष दर्शन में प्रवेश की कोई गारंटी नहीं होगी।
भीड़ नियंत्रण के लिए ‘वन-वे’ व्यवस्था लागू
आम श्रद्धालुओं के लिए दर्शन प्रक्रिया को आसान और सुरक्षित बनाने के लिए पूरे मंदिर क्षेत्र में ‘वन-वे’ (एकतरफा) रूट प्रणाली लागू की गई है। श्रद्धालुओं के मंदिर में प्रवेश करने का रास्ता अलग होगा और दर्शन के बाद बाहर निकलने का रास्ता पूरी तरह अलग रहेगा।
सड़कों और गलियों में जगह-जगह बैरिकेडिंग की गई है ताकि किसी भी स्थान पर अचानक भीड़ इकट्ठा न हो और भगदड़ जैसी अप्रिय स्थिति से बचा जा सके। इसके साथ ही जगह-जगह स्वास्थ्य शिविर, पेयजल व्यवस्था और सुरक्षा बलों की भारी तैनाती की गई है। प्रशासन ने सभी भक्तों से अपील की है कि वे जारी दिशानिर्देशों का पालन करें और अपनी यात्रा की योजना पूरी सावधानी के साथ बनाएं।
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