गैंगेस्टर से राजनेता बने अतीक अहमद के बेटे असद अहमद को प्रयागराज के एक कब्रिस्तान में कड़ी सुरक्षा के बीच शनिवार को सुपुर्द-ए-ख़ाक़ कर दिया गया.
समाचार एजेंसी पीटीआई की रिपोर्ट के अनुसार कब्रिस्तान में असद के कुछ दूर के रिश्तेदारों और कुछ स्थानीय लोगों को आने की इजाजत दी गई थी.
प्रयागराज के ज्वॉयंट कमिश्नर ऑफ़ पुलिस आकाश कुलहरी ने बताया कि सुरक्षा के लिहाज से ऐसा करना ज़रूरी था.
पुलिस ने बताया कि असद को दफ्न करने की प्रक्रिया घंटे भर में पूरी कर दी गई.
इससे पहले असद के रिश्तेदार उस्मान उनका शव लेकर कब्रिस्तान पहुंचे. मीडिया को कब्रिस्तान में जाने की इजाजत नहीं दी गई थी.
अतीक़ अहमद ने शुक्रवार को बेटे के जनाजे में शामिल होने के लिए मैजिस्ट्रेट से इजाजत मांगी थी.
उनके वकील मनीष खन्ना ने समाचार एजेंसी पीटीआई को बताया कि शुक्रवार को आंबेडकर जयंती की छुट्टी होने के कारण अतीक़ अहमद के आवेदन को रिमांड मैजिस्ट्रेट के पास भेज दिया गया. शनिवार को सीजीएम कोर्ट में इससे पहले कि अतीक़ के आवेदन पर सुनवाई होती, असद को सुपुर्द-ए-ख़ाक़ कर दिया गया.
असद और उनके सहयोगी ग़ुलाम दोनों ही उमेश पाल मर्डर केस में वॉन्टेड थे. झांसी के पास गुरुवार को यूपी एसटीएफ़ के साथ मुठभेड़ में उनकी मौत हो गई.
अतीक़ अहमद के पांच बेटों में असद तीसरे नंबर पर थे. उमेश पाल हत्याकांड के सिलसिले में पुलिस उन्हें तलाश रही थी और वे छुप रहे थे.
अतीक़ अहमद के अन्य बेटों में उनके बड़े बेटे उमर लखनऊ जेल में बंद हैं जबकि दूसरे बेटे अली नैनी सेंट्रल जेल में. उन दोनों पर अलग-अलग मामलों में शामिल होने का आरोप है.
चौथे बेटे अहजम और सबसे छोटे अबान को प्रयागराज के जुवेनाइल होम में बंद रखा गया है.
एक स्थानीय व्यक्ति ने बताया कि अतीक़ अहमद के माता-पिता को भी इसी कब्रिस्तान में दफनाया गया था.
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