Aligarh, Uttar Pradesh, India. अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर तारिक मंसूर ने सभी देशवासियों को एएमयू बिरादरी की ओर से दीपावली की हार्दिक शुभकामनाऐं दी है। प्रोफेसर तारिक मंसूर ने कहा कि दीपों का यह त्यौहार बुराई पर अच्छाई की शानदार जीत का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि दीपावली सभी प्रकार के अंधकार को दूर करके हमें एक समृद्ध वर्ष की ओर अग्रसर करेगा।
तीन पुस्तकों का विमोचन 16 को
अलीगढ़। अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय की सर सैयद एकेडमी के तत्वाधान में तीन पुस्तकों एवं तीन मोनोग्राफ का विमोचन एक आनलाइन समारोह में आगामी 16 नवम्बर को दोपहर 12ः00 बजे कुलपति प्रोफेसर तारिक मंसूर करेंगे। एकेडमी के डायरेक्टर प्रोफेसर अली मोहम्मद नकवी के अनुसार “मकालात-ए-सर सैयद“ भाग-1, “अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी-1932“, तथा “तफहीम-ए-सर सैयद“ का विमोचन होगा जिस पर क्रमशः प्रोफेसर एम0 शाफे किदवाई, डा0 मोहम्मद शाहिद एवं प्रोफेसर ए0आर0 किदवाई अपने विचार व्यक्त करेंगे। एकेडमी के डिप्टी डायरेक्टर डा0 मोहम्मद शाहिद ने बताया कि इस अवसर पर तीन मोनोग्राफ “शैख मोहम्मद अब्दुल्लाह“, “जस्टिस सर शाह मोहम्मद सुलैमान“ और “मोलवी चिराग अली“ का भी विमोचन किया जायेगा।
पंजीकरण की अंतिम तिथि बढ़ाई
अलीगढ़। अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय ने शैक्षणिक सत्र 2020-21 (विषम सेमिस्टर) में छात्रों के लिए रजिस्ट्रेशन की अंतिम तिथि बढ़ाकर 25 नम्बर 2020 (विलम्ब शुल्क के बिना) कर दी है। विश्वविद्यालय परीक्षा नियंत्रक द्वारा जारी सरकुलर में यह सूचना दी गई है। पूर्व में रजिस्ट्रेशन की अंतिम तिथि 20 अक्टूबर घोषित की गई थी।
न्यायिक सेवा को कैसे पास किया जाए
अलीगढ़। अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के विधि संकाय के अधिष्ठाता प्रोफेेसर एम शकील अहमद समदानी ने काले कोट वाले डाट काम द्वारा आयोजित रष्ट्रीय वेबिनार में बतौर मुख्य अतिथ भाग लिया। वेबिनार का शीर्षक था ”न्यायिक सेवा को कैसे पास किया जाए”। अपने संबोधन में प्रोफेसर समदानी ने कहा कि न्याययिक सेवा को पास करने के लिए दुढ़ इच्छा शक्ति की आवश्यकता होती है। प्रोफेसर समदानी ने आगे कहा कि एक छात्र के लिए यह बहुत महत्वपूर्ण है कि उसने एलएलबी के दौरान क्लासें जरूर अटेन्ड की हैं। क्योंकि छात्र अगर क्लास अटेन्ड करता है तो कुछ न कुछ वह अवश्य हासिल करता है। अन्त में प्रोफेसर समदानी ने कहा कि यदि उनका चयन हो जाता है तो उन्हें हर हाल में न्याय करने की कोशिश करनी चाहिए क्योंकि न्यायपालिका देश का सबसे महत्वपूर्ण अंग है। क्योंकि जब इन्सान हर तरफ से मायूस हो जाता है तो वह न्यायपालिका की ओर देखता है और उसे पूरी उम्मीद होती है कि उसे इन्साफ मिलेगा। प्रोफेसर समदानी ने विधि संकाय के छात्रों का आव्हान किया कि उन्हें विश्वविद्यालय द्वारा दी गई सुविधाओं का लाथ उठाते हुए जुडिशियरी में अधिक संख्या में आना चाहिए और विश्वविद्यालय का नाम रोशन करना चाहिए
मौलाना आजाद ने क्या किया
अलीगढ़। अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के शिक्षा विभाग द्वारा राष्ट्रीय शिक्षा दिवस के अवसर पर आनलाइन व्याख्यान का आयोजन किया गया। जामिया मिल्लिया के आईएएसई के पूर्व अधिष्ठाता प्रोफेसर शुऐब अब्दुल्लाह ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि स्वतंत्रता संग्राम सेनानी मौलाना अबुल कलाम आजाद ने न केवल देश की शैक्षिक व्यवस्था को सुसंगठित किया बल्कि यूजीसी, आईआईटी, आईआईएससी जैसे संस्थान भी स्थापित किये। मौलाना आजाद ने प्रौद्योगिकी, आधुनिक शिक्षा, मातृभाषा और भारतीय भाषाओं के उत्थान पर बल दिया।
“इक्कीसवीं शताब्दी में मौलाना आजाद के शैक्षिक दर्शन का महत्व“ विषय पर व्याख्यान देते हुए प्रोफेसर शुऐब ने कहा कि मौलाना आजाद ने जनमानस को शिक्षित करने पर पूरा बल दिया तथा मानविकी एवं सामाजिक विषयों के साथ-साथ वैज्ञानिक शिक्षा की वकालत की। उन्होंने कहा कि आजाद ने मदरसों की शैक्षणिक व्यवस्था में भी बदलाव पर बल दिया और त्रिभाषीय फारमूले को अपनाया। विभागाध्यक्ष प्रोफेसर नसरीन ने स्वागत भाषण प्रस्तुत किया जब कि डा0 साजिद जमाल ने अतिथि वक्ता का परिचय कराया।
दूसरी ओर अमुवि की मौलाना आजाद लाइब्रेरी में मौलाना आजाद के व्यक्तित्व और उनकी सेवाओं पर पुस्तकों की एक प्रदर्शनी लगाई गई जिसमें मौलाना आजाद के निजी उपयोग की वस्तुओं को भी प्रदर्शित किया गया। इसके अतिरिक्त अमुवि के अब्दुल्लाह स्कूल में राष्ट्रीय शिक्षा दिवस पर आनलाइन कार्ड मेकिंग, स्लोगन राइटिंग तथा निबंध लेखन प्रतियोगिता का आयोजन किया गया।
पेड़ों की नीलामी
अलीगढ़। अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के बाटनीकल गार्डन (किला) विभाग के अन्दर बैर के 48 पेड़, आमला के 04 पेड़ और 04 बेल पत्थर के पेड़ों के फलों का नीलाम 17 नवम्बर 2020 दिन मंगलवार को प्रातः 10ः30 बजे होगा। खरीदार व्यक्ति उक्त समय व स्थान पर पहुॅचकर बोली बोल सकते हैं। बोली बालने से पहले खरीदार को मुबलिग 1000/-रूपये बतौर जमानत जमा करने होंगे जो बोली के उपरांत वापस कर दिये जायेंगे। खरीदार को नीलामी की पूरी रकम नीलाम समाप्त होने के बाद उसी समय अदा करनी होगी। खरीदार अपनी फसल की स्वंय देखभाल करेगा। विभाग की कोई जिम्मेदारी नहीं होगी। बोली के समय कोविड-19 के तहत सामाजिक दूरी का पूरा पालन किया जायेगा।
माली के निधन पर शोक
अलीगढ़। अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के एसएस हाल नार्थ मैं कार्यरत रामजी लाल माली के देहांत पर एसएस हाल नार्थ प्रोवोस्ट प्रोफेसर इशरत आलम और वार्डन्स की मौजूदगी में समस्त स्टाफ व मृतक के परिवार जन पिता व पुत्र उपस्थिति में उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की और मृतक की आत्मा की शांति और शोक संतृप्त परिवार को धैर्य प्रदान करने की प्रार्थना की गई। प्रोफेसर इशरत आलम ने दुख की घड़ी में समस्त हाल के स्टाफ की ओर से परिवार की हर संभव मदद का आश्वासन दिया।
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