आगरा। अछनेरा ब्लॉक के बसैया राजपूत गांव में चकबंदी प्रक्रिया का ग्रामीणों ने खुलकर विरोध किया है। गांव के लोग किसी भी कीमत पर चकबंदी के लिए तैयार नहीं हैं। 31 मई को गांव के राकेश कुमार और धर्मवीर समेत कई ग्रामीणों ने चकबंदी विभाग को प्रार्थना पत्र देकर अनुरोध किया था कि गांव में चल रही चकबंदी प्रक्रिया को तत्काल प्रभाव से रोका जाए।
इस प्रार्थना पत्र के आधार पर चकबंदी विभाग के अधिकारी, सहायक चकबंदी अधिकारी और कर्मचारियों की टीम आज गांव पहुंची। गांव के प्राइमरी स्कूल में खुली बैठक बुलाई गई, जिसमें सैकड़ों की संख्या में ग्रामीणों ने भाग लिया।
बैठक के दौरान ग्रामीणों ने एक स्वर में चकबंदी का विरोध करते हुए कहा कि उन्हें चकबंदी नहीं करानी है। अधिकारियों ने जब चकबंदी के संभावित लाभों के बारे में जानकारी दी, तब भी ग्रामीण अपनी बात पर अड़े रहे।
चकबंदी टीम में शामिल चकबंदी अधिकारी, चकबंदी सीओ और लेखपालों ने जब चकबंदी न कराने के पीछे कारण पूछे, तो ग्रामीणों ने स्पष्ट कह दिया कि वे कोई कारण नहीं बताना चाहते, बस उन्हें चकबंदी नहीं चाहिए।
अधिकारियों ने ग्रामीणों को समझाया कि चकबंदी प्रक्रिया को सिर्फ शासन स्तर से ही रोका जा सकता है। इस पर ग्रामीणों ने आग्रह किया कि उनकी बात शासन तक पहुंचाई जाए। ग्रामीणों ने लिखित में भी अपना विरोध पत्र अधिकारियों को सौंपा, जिसे विभागीय अमले ने विधिवत रूप से रिसीव कर लिया।
इस खुली बैठक में राकेश कुमार, धर्मदेव सिंह, धर्मवीर, रमेश चंद, जिला पंचायत सदस्य प्रेम सिंह, जल सिंह समेत अनेक ग्रामीण मौजूद रहे और सभी ने चकबंदी का विरोध दोहराया। ग्रामीणों के विरोध को देखते हुए चकबंदी अधिकारी वापस लौट गये।
- आगरा में पूर्ति निरीक्षक को बदनाम करने की साजिश, फेसबुक-व्हाट्सएप पर फर्जी वीडियो वायरल करके छवि बिगाड़ने का आरोप, मुकदमा दर्ज - March 17, 2026
- आगरा में पत्रकार पर हमला: खबर छापने से नाराज दबंगों ने जमकर पीटा, पुलिस कमिश्नर तक पहुँचा मामला - March 17, 2026
- आगरा में राष्ट्रीय टीकाकरण दिवस की धूम: 11 जानलेवा बीमारियों से बच्चों को बचाएगा एक टीका - March 17, 2026