आगरा: अलग-अलग प्रांतों से आए सपेरा समाज के लोगों ने आज शुक्रवार को जिला कलेक्ट्रेट में अनोखा प्रदर्शन किया। उन्होंने कलेक्ट्रेट परिसर में करीब एक घंटे तक बीन बजाई। बीन की आवाज सुनकर लोग भी एकत्र हो गए। सपेरों ने बीन पर कई गानों की धुन निकाली और उसके बाद प्रशासन के समक्ष अपनी मांगें रखीं। प्रदर्शन में आगरा के अलावा मध्यप्रदेश, राजस्थान से आए सपेरों ने हिस्सा लिया।
वन्य जीव संरक्षण अधिनियम के तहत जिला प्रशासन ने सपेरा समुदाय के कुछ लोगों पर कार्रवाई की है। सांपों का खेल दिखा रहे सपेरों को पकड़कर उन्हें जेल भेज दिया और सांपों को जंगल में छुड़वा दिया। प्रशासन की कार्रवाई से आहत सपेरा समाज के लोग बीन बजाते हुए कलेक्ट्रेट में एकत्र हुए। काफी देर बीन बजाने के बाद सपेरा समाज ने प्रशासन के आगे अपनी मांगें रखीं।

उन्होंने कहा कि यदि सांपों के खेल दिखाने पर प्रतिबंध लगाया जा रहा है तो उन्हें प्रशासन उन्हें नौकरी दिलाए या फिर कोई काम शुरू करने के लिए समाज के लोगों को 5-5 लाख रुपये सहायता दी जाए।
थाना मलपुरा क्षेत्र के गांव मनिया में सपेरा जाति के लोग रहते हैं। उनकी रोजी रोटी का साधन सांपों का खेल दिखाना है। वन्य जीव संरक्षण अधिनियम के तहत सर्प पकड़ना कानूनी अपराध बताते हुए प्रशासन इन पर पिछले हफ्ते कार्रवाई की थी। कार्रवाई के डर से अब सपेरा समाज का काम बंद हो गया और उनके सामने रोजी-रोटी का संकट गहराया गया है। मामला पिछले माह 31 जुलाई का है।
आगरा में राजेश्वर मंदिर पर आयोजित सावन के मेले में गांव मनिया से आए सपेरा सत्य प्रकाश पुत्र खिल्लोनाथ, रोहतास पुत्र जयसिंह निवासी गांव भड़ावली मथुरा द्वारा मेले में सांप का खेल दिखाया जा रहा था। तभी वन विभाग द्वारा वन्य जीव संरक्षण अधिनियम के तहत दोनों के खिलाफ केस दर्ज कर उन्हें जेल भेज दिया था। तब से सपेरा समाज प्रशासन से अपने हक की मांग कर रहा है।
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