आगरा। किरावली तहसील के अरसैना गांव के किसान करीब 107 हेक्टेअर डूब क्षेत्र में खड़ी आलू सरसों और गेंहू की फसल को बचाने के लिए प्रशासन से गुहार लगा रहे हैं। दरअसल राजस्व जमा न होने के कारण प्रशासन इन फसलों को ट्रैक्टर चलवाकर नष्ट करा रहा है। ये किसान मंगलवार को अपनी फरियाद लेकर कलक्ट्रेट पहुंचे, लेकिन किसी अधिकारी ने उनकी फरियाद नहीं सुनी।
अरसैना गांव में 107 हेक्टेअर जमीन यमुना के डूब क्षेत्र की है। पिछले 40 सालों से गांव के किसान इस जमीन पर खेती करते आ रहे हैं। इसके एवज में वे सरकारी खजाने में राजस्व भी जमा करते हैं। इस साल किसानों ने इस जमीन पर फसलें तो बो दीं, लेकिन खजाने में तय राजस्व जमा नहीं करा पाए।
अब प्रशासन इस जमीन पर खड़ी फसलों को अवैध मानकर इन्हें ट्रैक्टर चलवाकर नष्ट करा रहा है। मंगलवार को भी लगभग 10 एकड़ जमीन पर खड़ी फसलें ट्रैक्टर चलवाकर नष्ट कर दी गईं। किसान प्रशासन से गुहार लगा रहे हैं कि वह उनकी फसलों को नष्ट न कराए। वे राजस्व जमा करने को तैयार हैं।
किसान नेता चौधरी दिलीप सिंह आज गांव के इन किसानों को लेकर जिलाधिकारी कार्यालय पर पहुंचे। किसानों ने यहां पूरे दिन धरना दिया, पर उनकी जिलाधिकारी से मुलाक़ात नहीं हो पाई। दिलीप सिंह का कहना है कि किसान केवल एक महीने की मोहलत मांग रहे हैं और तब तक उनकी फसलें पक जाएंगी। इस साल की गई फसलों के एवज में राजस्व भी जमा करने को तैयार हैं, लेकिन प्रशासन सुनने को तैयार नहीं है।
दिलीप सिंह ने कहा कि प्रशासन डूब क्षेत्र की जमीन पर एक माह बाद भी कब्जा ले सकता है। किसानों ने भारी लागत लगाकर फसलें तैयार की हैं और जब उन्हें उनकी मेहनत का फल मिलने वाला था, तब प्रशासन फसलें नष्ट करा रहा है। उन्होंने कहा कि किसान कल फिर जिलाधिकारी से मिलने जाएंगे।
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