आगरा। भारतीय संस्कृति की संवाहक मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम की वैश्विक व्याप्ति का मूलाधार अयोध्या नगरी, उ०प्र० की कला सस्कृति एवं आस्था का प्रमुख केन्द्र है। जो प्रभु श्रीराम की जन्म भूमि के रूप में विश्व विख्यात है। एक राजकुमार से दैवीय प्रभु श्रीराम की यात्रा में कला, संगीत एवं स्थापत्य के विविध आयाम सम्मिलित है। इनमें से सबसे अधिक ग्राह्यता कला एवं संगीत है। इन क्षेत्रों में प्रभु श्रीराम अनेक रूपों में प्रतिबिम्वित हैं।
उनके इसी वैविध्य को आमजन तक सहजता से पहुंचाने के संस्कृति विभाग के अधीन स्थापित अयोध्या शोध संस्थान, जिसे अभी अन्तर्राष्ट्रीय रामायण एवं वैदिक शोध संस्थान की मान्यता प्रदान की गयी है, के द्वारा प्रदेश के पांच प्रमुख जनपदों आगरा, शामली अमरोहा, बागपत तथा आजमगढ़ में शास्त्रीय एवं लोक नृत्यों में प्रभु श्रीराम शीर्षक से श्रीराम नृत्योत्सव का आयोजन किया जा रहा है, जिसके अन्तर्गत शास्त्र और लोक दोनों की मर्यादाओं के केन्द्र में प्रभु श्रीराम की उपस्थिति को रूपायित करने का प्रयास किया जा रहा है।
आगरा में यह आयोजन दिनांक 17.12.2023, रविवार को सायं 4:30 बजे सेल्फी प्वॉइन्ट, फतेहाबाद रोड पर किया जा रहा है, जिसके अन्तर्गत अन्तर्राष्ट्रीय कथक नृत्यांगना एवं पद्मविभूषण पं० बिरजू महाराज की पौत्री सुश्री शिंजनी कुलकर्णी द्वारा श्रीराम पर आधारित नृत्य, भारतीय संगीतालय, श्री सुधीर नारायण, श्रीमती आंचल जैन (भरत नाट्यम), संगीत आंगन (कलश नृत्य) द्वारा प्रस्तुती की जायेगी।
यह कार्यक्रम आगरा जिला प्रशासन, आगरा विकास प्राधिकरण, रोटरी क्लब ऑफ आगरा, ताज सिटी, अटल गीत गंगा आयोजन समिति एवं इण्डियन मेडीकल एसोसियेशन, आगरा के सहयोग से किया जा रहा है।
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