21 हजार दीप प्रज्जवलित कर मनाई बैकुण्ड चतुर्दशी (देव दीपावली)
लक्ष्मी-नरसिंह रूप में दिए भगवान जगन्नाथ ने दर्शन,
आगरा। श्रद्धा और भक्ति की रोशनी हर ओर जगमगा रही थी। भगवान जगन्नाथ के जयकारों संग हर ओर झिलमिलाते दीपों की अलौकिक आभा बिखरी थी। कमला नगर स्थित श्रीजगन्नाथ मंदिर में आज उत्साह व उमंग के साथ देव दीपावली (बैकुण्ठ चतुर्दशी) मनाई गई। कहीं सतरंगी रंगों से रंगोली सजी थी तो कहीं गेरू और खड़िया से परम्परागत अल्पना सजी थी। मंदिर परिसर ही नहीं मंदिर के आस-पास का भी पूरा क्षेत्र दीपों की झिलमिल रोशनी से जगमगा रहा था।
इस्कॉन मंदिर आगरा के अध्यक्ष अरविन्द स्वरूप ने बताया कि आज के दिन ही गज-ग्राह लीला (हाथी और मगर की लीला) में श्रीहरि के परम भक्त गज (हाथी) का बैकुण्ड गमन हुआ था। इसलिए आज दीपदान का विशेष महत्व है। बताया कि श्रीजगन्नाथ जी वर्ष में एक बार ही आज के दिन लक्ष्मी नरसिंह रूप में दर्शन देते हैं। श्रीहरि का यह रूप भक्तों को आर्शीवाद प्रदान करने वाला है।
नीले रंग की पोशाक में भगवान जगन्नाथ,बहन सुहन सुभद्रा व भाई बलराम संग अलौकिक छवि के दर्शन को हर भक्त उत्साहित था। हर (भगवान शिव) हरि (भगवान विष्णु) की रात्रि भी आज ही के दिन मानी जाती है। संध्या आरती के बाद हरे राम,हरे कृष्णा… का मृदंग और मंजीरों पर कीर्तन किया, जिसमें सैकड़ों भक्त श्रीहरि की भक्ति में झूमते रहे। इसके उपरान्त भक्तों द्वारा 21 हजार दीपदान किए गए।
इस अवसर पर मुख्य रूप से आदिति गौरांगी, शैलेन्द्र अग्रवाल,कामता प्रसाद अग्रवाल, राहुल बंसल, संजीव मित्तल, सुशील अग्रवाल, सुनील मनचंदा, संजीव बंसल, ओमप्रकाश अग्रवाल, राजेश उपाध्याय, संजय कुकरेजा, विकास बंसल, शैलेन्द्र बंसल, शाश्वत, नन्दलाल दास आदि प्रमुख रूप से उपस्थित थे।
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