Agra News: वर्दी की हनक पर भारी पड़ी जनता की शिकायत, विजय नगर और मिढ़ाकुर चौकी प्रभारियों पर गिरी गाज

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आगरा। ताजनगरी में खाकी को शर्मसार करने वाले दो अलग-अलग मामलों में पुलिस महकमे ने कड़ा रुख अपनाया है। कर्तव्य पालन में लापरवाही, अवैध वसूली की कोशिश और अभद्र भाषा का प्रयोग करने के गंभीर आरोपों में घिरे दो चौकी प्रभारियों पर बड़ी गाज गिरी है। जहाँ विजय नगर चौकी प्रभारी जयपाल को विवादों के बाद पद से हटा दिया गया है, वहीं मिढ़ाकुर चौकी प्रभारी नवजीत सिंह को एक आपत्तिजनक वीडियो वायरल होने के बाद तत्काल प्रभाव से निलंबित (सस्पेंड) कर दिया गया है।

पहला मामला: “मकान बनवा रहे हो, हमें नहीं समझ रहे”

पहला विवाद हरिपर्वत थाना क्षेत्र की विजय नगर पुलिस चौकी से जुड़ा है। आगरा सराफा एसोसिएशन के अध्यक्ष नितेश अग्रवाल ने चौकी प्रभारी जयपाल पर मानसिक उत्पीड़न और अवैध रूप से रुपयों की मांग करने का सीधा आरोप लगाया।

पीड़ित व्यापारी नेता के अनुसार, उनके मकान का निर्माण कार्य चल रहा था, तभी दरोगा ने रौब दिखाते हुए कहा, “मकान बनवा रहे हो, हमें नहीं समझ रहे।” बात न मानने पर निर्माण सामग्री ला रहे एक वाहन को सीज कर दिया गया।

व्यापारी नेता ने इसकी शिकायत तत्कालीन एसीपी हरिपर्वत से की, जिन्होंने दरोगा को फटकार लगाई। लेकिन एसीपी के ट्रांसफर के बाद दरोगा का रवैया और अधिक आक्रामक हो गया।

आरोप है कि इसके बाद साजिश के तहत डायल-112 पर अवैध खनन की झूठी सूचना दर्ज कराई गई और माइनिंग टीम बुलाकर मौके पर खड़ी जेसीबी को जबरन सीज करवा दिया गया। जब सराफा व्यापारियों का गुस्सा भड़का और मामला पुलिस कमिश्नर व जिलाधिकारी तक पहुंचा, तो जांच बैठाई गई। जांच में खनन की बात पूरी तरह फर्जी पाई गई, जिसके बाद पुलिस प्रशासन ने दरोगा जयपाल को लाइन हाजिर करते हुए जगदीशपुरा थाने से संबद्ध कर दिया।

दूसरा मामला: जनप्रतिनिधि को जूतों से पीटने की धमकी का वीडियो वायरल

दूसरा सनसनीखेज मामला किरावली थाना क्षेत्र की मिढ़ाकुर चौकी का है। यहाँ के चौकी प्रभारी नवजीत सिंह का एक वीडियो सोशल मीडिया पर जंगल की आग की तरह फैल गया। करीब पौने तीन मिनट के इस वीडियो में वर्दीधारी दरोगा किसी व्यक्ति को चौकी आने पर “जूतों से पीटने” की बेहद आपत्तिजनक धमकी देते सुनाई दे रहे हैं।

​इस मामले में सकतपुर गांव के सरपंच रामप्रकाश सोलंकी सामने आए। उन्होंने बताया कि वह एक पीड़ित परिवार की पैरवी करने और उन्हें न्याय दिलाने के लिए चौकी गए थे। वहां मदद करने के बजाय दरोगा ने उनके साथ मर्यादा की सारी हदें पार करते हुए अभद्र व्यवहार किया। अपमान से आहत सरपंच ने उच्चाधिकारियों से न्याय और सम्मान की गुहार लगाई।

​उच्चाधिकारियों की त्वरित कार्रवाई

मामले की गंभीरता को देखते हुए डीसीपी पश्चिमी जोन आदित्य सिंह ने जांच के आदेश दिए। एसीपी अछनेरा द्वारा की गई त्वरित जांच में दरोगा पर लगे बदसलूकी के आरोपों की पुष्टि हो गई। जांच रिपोर्ट के आधार पर डीसीपी ने मिढ़ाकुर चौकी प्रभारी नवजीत सिंह को तुरंत सस्पेंड कर उनके खिलाफ विभागीय जांच (Departmental Inquiry) के आदेश जारी कर दिए हैं।

खाकी की साख पर उठे सवाल

एक ही दिन में दो पुलिस अधिकारियों पर हुई इस बड़ी कार्रवाई ने महकमे में हड़कंप मचा दिया है। जहाँ एक तरफ शीर्ष अधिकारियों की इस त्वरित कार्रवाई से जनता में यह संदेश गया है कि भ्रष्टाचार और गुंडागर्दी बर्दाश्त नहीं की जाएगी, वहीं दूसरी तरफ इन दोनों घटनाओं ने आम जनता के प्रति पुलिस के व्यवहार और उसकी कार्यप्रणाली पर एक बार फिर गंभीर सवालिया निशान खड़े कर दिए हैं।

Dr. Bhanu Pratap Singh