आगरा। गुरुद्वारा माईथान के प्रधान कंवलदीप सिंह पर अंततः कानून का शिकंजा कस ही गया। क्लोन चेक से दो करोड़ की धोखाधड़ी के मामले में कंवलदीप को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। कंवलदीप सिंह पर यह कार्यवाही पूरे आठ साल बाद हो सकी। मामले में आरोप पत्र दाखिल होने के बावजूद गिरफ्तारी नहीं हो पा रही थी। कंवलदीप पर पांच हजार रुपये का इनाम भी घोषित किया जा चुका था।
जिस मामले में कंवलदीप सिंह को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है, वह वर्ष 2016 का है। तैमूर के दिल्ली में आईसीआईसीआई बैंक खाते से क्लोन चेक के जरिए दो करोड़ की रकम निकाली गई थी। तैमूर ने उसी समय आगरा में मुकदमा दर्ज कराया था। आगरा पुलिस ने तफ्तीश में पाया था कि क्लोन चेक जाली था और उस पर तैमूर के हस्ताक्षर भी फर्जी थे। यह चेक आगरा में पंजाब एंड सिंध बैंक की घटिया आजम खां स्थित शाखा में गुरुद्वारा माईथान के एकाउंट में यह चेक जमा हुआ था, इसलिए तफ्तीश के बाद 2017 में पुलिस ने पंजाब एंड सिंध बैंक के तत्कालीन मैनेजर को गिरफ्तार कर लिया था।
धोखाधड़ी के इस मामले में कंवलदीप सिंह को भी आरोपित किया गया था। अपने राजनीतिक संबंधों के बल पर कंवलदीप सिंह ने इस मामले की जांच पुलिस से हटवाकर आर्थिक अपराध शाखा में करा दी थी। ईओडब्ल्यू ने भी जांच में कंवलदीप को मामले में संलिप्त मानकर चार्जशीट लगा दी थी। कंवलदीप के बारे में कोर्ट में जानकारी पहुंच रही थी कि वह फरार हैं। अब हरीपर्वत पुलिस ने उन्हें कल गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।
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