आगरा: मंडल आयुक्त नगेंद्र प्रताप सिंह ने शनिवार को जिला अस्पताल का औचक निरीक्षण कर स्वास्थ्य व्यवस्थाओं का जायजा लिया। कमिश्नर के अचानक पहुँचने से अस्पताल प्रशासन में हड़कंप मच गया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने पंजीकरण केंद्र, पैथोलॉजी और वार्डों का बारीकी से मुआयना किया, जहाँ कई खामियां उजागर हुईं।
गंदगी देख नाराजगी, ड्रेनेज सुधार के निर्देश
मंडल आयुक्त सबसे पहले ओपीडी पंजीकरण केंद्र और पैथोलॉजी सेंटर पहुंचे। पैथोलॉजी में रोजाना करीब 200 एक्सरे होने की जानकारी दी गई। हालांकि, अस्पताल परिसर के शौचालयों में गंदगी और मकड़ी के जाले देख कमिश्नर ने सख्त नाराजगी जताई। उन्होंने तत्काल ड्रेनेज सिस्टम दुरुस्त करने और नियमित सफाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
दवाइयों के स्टॉक में मिली लापरवाही
निरीक्षण के दौरान जनऔषधि केंद्र और फार्मेसी स्टोर की पोल भी खुल गई। आयुक्त ने देखा कि दवा वितरण काउंटर के पास गंदगी का अंबार लगा था और स्टॉक रजिस्टर में एक दिन पहले तक की दवाइयों का विवरण दर्ज नहीं था। उन्होंने कड़ी फटकार लगाते हुए निर्देश दिए कि स्टॉक रजिस्टर प्रतिदिन अपडेट किया जाए और दवाओं की उपलब्धता में कोई कोताही न बरती जाए।
सीवर और बुनियादी ढांचे पर नजर
कमिश्नर ने प्रस्तावित क्रिटिकल केयर ब्लॉक से लेकर एमजी रोड तक की सड़क और सीवर लाइन का भी निरीक्षण किया। आईसीयू ब्लॉक में जीर्ण-शीर्ण हो चुके शौचालयों के पुनरुद्धार के निर्देश देते हुए उन्होंने एनआरसी वार्ड में भर्ती मरीजों से उनके इलाज के बारे में फीडबैक लिया।
- फाल्गुन के रंग में रंगी ताजनगरी: कहीं टॉफी-चॉकलेट की होली, तो कहीं फूलों की वर्षा के बीच गूँजा ‘श्याम बाबा का नाम’ - February 26, 2026
- आगरा में गजब की जालसाजी: झारखंड के युवक के नाम पर ले लिया 4.56 लाख का लोन, साढ़े चार साल बाद हुआ खुलासा - February 26, 2026
- Agra News: शमसाबाद में ‘डिजिटल दरिंदगी’, प्रेम संबंध टूटा तो युवक ने वायरल कीं अश्लील फोटो, पीड़िता का परिवार सदमे में - February 26, 2026