आगरा। बसंतोत्सव के उपलक्ष्य में दयालबाग में आज प्रातः खेतों पर कार्य करने के बाद नवयुवकों एवं नवयुवतियों ने जिम्नास्टिक्स का अद्भुत एवं उत्तम प्रदर्शन किया। नवयुवकों एवं नवयुवतियों ने कई हैरतअंगेज कारनामे प्रस्तुत किए। जिन्हें देखकर सभी उपस्थितजन ने मुक्त कंठ से न केवल प्रशंसा की बल्कि करतल ध्वनि से उनका उत्साहवर्धन भी किया।
सबसे पहले सभी सदस्यों ने मार्च पास्ट निकाला। इसके बाद सभी ने मोबिलाइजेशन एक्सरसाइज की। इसके बाद शुरू हुए हैरतअंगेज करतब।
रोलिंग्स, रोलिंग कंबाइंड, क्रो वॉक, स्ट्रेचिंग लेग्स और पुल बनाना, हैंड स्टैंड और मार्चिंग, कार्ट व्हील, सिंगल हैंड कार्ट व्हील, स्लो हैंड स्प्रिंग, ब्रिज फार्मेशन और मार्चिंग, हैंड स्टैंड ओवर रोल, टाइगर बैलेंस के साथ रोलिंग, हैंडस्टैंड ओवर रोल कंबाइंड, स्ट्रैचिंग लेग्स अपवर्ड ऑन द बार एंड बैलेंसिंग, लोकस्ट मार्च, लायन क्रॉल, बार पर रोलिंग, सरलीकृत योगासन जैसे पद्मासन, मस्चेन्द्रासन, सिद्धासन, योगमुद्रासन, भुजंगासन ,सुप्त वज्रासन, पशिमोत्तासन, अर्धमश्चेन्द्रासन, सलभासन ,शीर्षासन, हलासन, मयूरासन, धनुरासन ,पादहस्थासन, सर्वांगासन, शवासन आदि का प्रदर्शन किया।
आज के कार्यक्रम की आकर्षक विशेषता थी कि इसमें दयालबाग के सुसज्जित ऊंटों ने भी भाग लिया। नवयुवकों ने भी ऊंटों के ऊपर/साथ भी कई हैरतअंगेज पिरामिड का प्रदर्शन किया। इन सब के दौरान ऊंटों ने भी अनुशासित प्रतिभागी की तरह भाग लिया तथा आनंदित होते रहे।
तमन्ना यही है कि …………..प्रार्थना के साथ कार्यक्रम संपन्न हुआ। परमपूज्य गुरु महाराज प्रोफेसर प्रेम सरन सतसंगी एवं रानी साहिबा की पूरे कार्यक्रम के दौरान उपस्थिति से प्रतिभागियों का उत्साह चरम पर था।
अंत में सभी प्रतिभागियों को प्रसाद वितरित किया गया। दयालबाग के ई-सतसंग केसकेड द्वारा पूरे कार्यक्रम का सजीव प्रसारण देश-विदेश के 550 से अधिक केंद्रों पर किया गया।
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