आगरा। दयालबाग में 77वां गणतंत्र दिवस इस बार सिर्फ एक औपचारिक आयोजन नहीं रहा, बल्कि राष्ट्रभक्ति, संस्कार, अनुशासन और आध्यात्मिक चेतना का भव्य उत्सव बनकर सामने आया। भंडारा ग्राउंड पर आयोजित समारोह में दयालबाग के निवासियों के साथ देश-विदेश से आए हजारों सतसंगी भाई-बहन और बच्चों ने सहभागिता की। पूरे कार्यक्रम में “ईश्वर की पितृत्व भावना और मानवमात्र की भ्रातृत्व भावना” का संदेश स्पष्ट रूप से झलकता रहा
कार्यक्रम के दौरान हुजूर प्रो. प्रेम सरन सत्संगी साहब और आदरणीय रानी साहिबा ने भी समारोह का अवलोकन किया। उनकी उपस्थिति से भंडारा ग्राउंड का वातावरण आध्यात्मिक ऊर्जा और भावनात्मक श्रद्धा से भर उठा।
ध्वजारोहण और राष्ट्रगान से हुई शुरुआत
प्रातः खेत-कार्य के बाद समारोह का शुभारंभ राधास्वामी सतसंग सभा के अध्यक्ष एवं पूर्व आईएएस अधिकारी श्री गुरु सरूप सूद द्वारा ध्वजारोहण के साथ हुआ। इसके बाद पी.वी. और आर.ई.आई. के छात्रों ने राष्ट्रगान के साथ विशेष ध्वज-गान “सुनो भाई एक गान हमारा” प्रस्तुत कर राष्ट्रभक्ति का संचार किया।
योग, स्केटिंग और नृत्य ने बांधा समां
इसके बाद लगातार प्रस्तुतियों का सिलसिला चला। डी.ई.आई. और आर.ई.आई. इंटरमीडिएट कॉलेज के छात्रों ने “वंदे मातरम्” की धुन पर योगिक आकृतियां बनाकर अनुशासन और शारीरिक संतुलन का संदेश दिया।
डी.ई.आई. पी.वी. प्राइमरी स्कूल के बच्चों ने “गूंज उठा हिंदुस्तान” पर रोलर स्केटिंग प्रदर्शन किया, जिसे दर्शकों ने खूब सराहा। वहीं नर्सरी-कम-प्ले सेंटर के नन्हे बच्चों ने “ताकत वतन की हमसे है” पर नृत्य प्रस्तुत कर माहौल को देशभक्ति से भर दिया।
स्कूल ऑफ आर्ट एंड कल्चर व लैंग्वेजेज के विद्यार्थियों ने “जयति जय जय…” और तमिल भाषा में “वंदे मातरम्” पर सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देकर एकता का संदेश दिया। सरन आश्रम नगर और डेयरी बाग स्कूल की प्रस्तुतियों में आत्मनिर्भर भारत की झलक दिखी। पी.वी. गर्ल्स इंटर कॉलेज की छात्राओं ने “तुझे नमामि” पर शास्त्रीय नृत्य प्रस्तुत कर कार्यक्रम को गरिमा प्रदान की।
‘सुपरह्यूमन बच्चों’ और RAF महिला कर्मियों का विशेष आकर्षण
कार्यक्रम का सबसे चर्चित आकर्षण संत-सू (परमैन) इवोल्यूशनरी स्कीम के अंतर्गत तैयार किए गए जेंडर-फ्री सुपरह्यूमन बच्चों का प्रदर्शन रहा। बच्चों ने “नन्हे सुपरह्यूमन्स तेरी मुट्ठी में क्या है” पर कौशल दिखाकर दर्शकों को चौंका दिया।
इसके साथ ही रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) की महिला कर्मियों ने आत्मरक्षा और युद्ध-कौशल का प्रदर्शन कर महिला सशक्तिकरण का संदेश दिया।
42 मिनट का अनुशासित कार्यक्रम, 580 केंद्रों पर लाइव प्रसारण
महज 42 मिनट का यह कार्यक्रम संक्षिप्त लेकिन अत्यंत प्रभावशाली रहा। समापन के बाद नन्हे बच्चों, सुपरह्यूमन बच्चों और RAF की महिला प्रतिभागियों को विशेष प्रसाद वितरित किया गया।
उल्लेखनीय है कि पूरे समारोह का दयालबाग ई-सतसंग केसकेड के माध्यम से देश-विदेश के 580 से अधिक केंद्रों पर लाइव प्रसारण किया गया, जिससे दुनिया भर के सतसंगी एक साथ इस गणतंत्रोत्सव का हिस्सा बने।
दयालबाग का यह आयोजन एक बार फिर यह संदेश दे गया कि यहां राष्ट्रभक्ति केवल भाषण नहीं, बल्कि साधना, सेवा और अनुशासित जीवन-पद्धति का हिस्सा है।
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