आगरा डीएम का कड़ा रुख: काम न करने वाली आशाओं की होगी छुट्टी, प्रभारियों को आभा आईडी पर लगाई फटकार

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आगरा: स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा और जनहित की योजनाओं को गति देने के लिए कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी श्री अरविंद मल्लप्पा बंगारी की अध्यक्षता में जिला स्वास्थ्य समिति की अहम बैठक संपन्न हुई। जिलाधिकारी ने दो टूक शब्दों में चेतावनी दी कि स्वास्थ्य कार्यों में लापरवाही बरतने वाली और अक्रियाशील आशा कार्यकत्रियों को ग्राम प्रधान व पार्षद के प्रस्ताव पर नोटिस देकर सेवा से हटा दिया जाएगा।

​आभा आईडी (Abha ID) अभियान पर कड़ी फटकार

बैठक में ‘एक नागरिक, एक स्वास्थ्य पहचान’ अभियान की समीक्षा के दौरान शहरी क्षेत्रों नरीपुरा, विभव नगर, नाई की सराय, लोहा मंडी द्वितीय, मंटोला, यमुनापार और हरीपर्वत ईस्ट का प्रदर्शन खराब पाए जाने पर जिलाधिकारी ने प्रभारियों को कड़ी फटकार लगाई।

उन्होंने निर्देश दिए कि 01 अप्रैल से विशेष अभियान चलाकर ई-कवच के माध्यम से शत-प्रतिशत परिवारों की आभा आईडी बनाई जाए। मुख्य चिकित्साधिकारी ने भी सुधार न होने पर प्रभारियों की ACR/चरित्र पंजिका में प्रतिकूल टिप्पणी दर्ज करने की चेतावनी दी है।

​टीबी उन्मूलन: अब ₹1000 प्रति माह मिलेगा पोषण भत्ता

​राष्ट्रीय क्षय रोग (TB) उन्मूलन कार्यक्रम के तहत जिलाधिकारी ने बताया कि टीबी मरीजों को अब निक्षय पोषण योजना के तहत ₹1000 प्रति माह सीधे उनके बैंक खाते (DBT) में भेजे जाएंगे।

चेतावनी: यदि किसी व्यक्ति को दो सप्ताह से अधिक समय से खांसी है, तो वह तुरंत जांच कराए।

​बैठक में मरीजों को ‘पोषण पोटली’ का भी वितरण किया गया, जो दवा के साथ शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में सहायक होती है।

टीकाकरण और आयुष्मान कार्ड पर जोर

टीकाकरण: जिन ब्लॉकों में टीकाकरण की गति धीमी है, वहां के चिकित्सा अधीक्षकों की जिम्मेदारी तय की गई है। घर-घर जाकर बच्चों का शत-प्रतिशत टीकाकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

​आयुष्मान योजना: जनपद में 70 वर्ष से अधिक उम्र के बुजुर्गों के अब तक 62,798 आयुष्मान कार्ड बनाए जा चुके हैं। जिलाधिकारी ने निर्धारित लक्ष्य को जल्द पूरा करने को कहा है।

​मातृ मृत्यु समीक्षा: फरवरी माह में हुई 2 मातृ मृत्यु के मामलों में जिलाधिकारी ने गहन ‘केस स्टडी’ और जांच के आदेश दिए हैं।

​बैठक में मुख्य विकास अधिकारी श्रीमती प्रतिभा सिंह, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अरुण कुमार श्रीवास्तव समेत यूनिसेफ, डब्लूएचओ और स्वास्थ्य विभाग के सभी वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

Dr. Bhanu Pratap Singh