सीमंदर स्वामी की भाव यात्रा के बाद साध्वी वैराग्यनिधि ने कराया संगीतमय ध्यान
आगरा में चातुर्मास की प्रार्थना, जयपुर के लिए विहार से पूर्व नेत्र हुए सजल
Agra, Uttar Pradesh, India. जैन दादाबाड़ी प्रांगण में कलिकुंड पार्श्वनाथ चौबीस जिनालय से सीमंदर स्वामी की भव्य भाव यात्रा निकाली गई। धर्म की ऐसी प्रभावना हुई कि श्रावक और श्राविकाएं भावविभोर हो गए। इसके बाद संगीतमय ध्यान, भजन और धर्मसभा में अलौकिक आत्मिक संतोष की अनुभूति हुई। जैन साध्वी वैराग्यनिधि श्री जी महाराज ने भजनों के माध्यम से संदेश दिया कि बच्चों को कॉलेज शिक्षा के साथ चरित्रवान भी बनाएं। इसके साथ ही साध्वी मंडल जयपुर के लिए विहार कर गया। इस दौरान हर किसी का आँख नम हो गईं। भाव इतना प्रबल था कि दुनिया के विरक्त रहने वाली साध्वी के नेत्र भी सजल हो गए।
पालकी उठाने की होड़
पूज्य श्री विचक्षणश्री जी महाराज साहब की विदुषी सुशिष्या पूज्य श्री मणि प्रभाश्री जी महाराज साहब की शिष्या श्री वैराग्यनिधि महाराज साहब, श्री जयणा श्री जी महाराज साहब, श्री आत्मरुचि श्री जी महाराज साहब की सानिध्य मे सीमंदर स्वामी की भाव यात्रा निकाली गई। एक पालकी में सीमंत स्वामी की लघु मूर्ति को विराजमान करके श्रद्धालु अपने कंधों पर उठाए हुए थे। पालकी उठाने की होड़ लगी हुई थी। लाल चुनरी की साड़ी में आईं श्राविकाएं डांडिया नृत्य कर रही थीं। भक्ति का अद्भुत दृश्य था। सीमंत स्वामी की साक्षात उपस्थिति का अहसास हो रहा था।

पहली बार हुआ ऐसा ध्यान
नवीन धर्मशाला में पहुंचकर भावयात्रा ध्यानसभा सभा में परिवर्तित हो गई। करीब ढाई घंटा तक साध्वी श्री वैराग्यनिधि महाराज ने सभी को ध्यान कराया। संगीतमय ओजस्वी प्रवचनों से सबको बांधे रखा। श्रद्धालुओं को प्रथम बार ऐसा लगा कि उनकी आत्मा का मिलन परमात्मा से हो रहा है। सुध-बुध खो बैठे थे। बस एकटक साध्वी श्री वैराग्यनिधि को देखे जा रहे थे। उनका प्रत्येक शब्द हृदयंगम कर रहे थे। अधिकांश श्रद्धालु नेत्र बंद किए हुए ध्यान की अवस्था में थे।
पापों को कीजिए स्वीकार
साध्वी वैराग्यनिधि ने कहा- आज इसी क्षण से हृदय में परमात्मा का प्रतिष्ठापित करें। ध्यान दें कि लेदर प्रोडक्ट का उपयोग करने वाले, भयंकर हिंसा, किसी बकरे के रूप में कसाई के हाथ से हलाल होने वाले हम स्वयं थे। परमात्मा मेरा हर अतीत जानते हैं। एक आँख में आनंद के आंसू हैं तो दूसरी आँख में व्यथा और वेदना है। परमात्मा हमने बहुत से पाप किए हैं, दुनिया से छिपाकर किए हैं, आप सर्वज्ञ हैं। समदर्शी हैं। अंहकार के वशीभूत होकर न जाने कितनी बार पाप किया। समाज में छींटाकशी भी कम नहीं की। क्रोध रूपी नाग ने न जाने कितनी बार डसा है। दर्द देना सरल है लेकिन भोगना कठिन है। जैनी होकर इतना अशिष्ट, इतना कठोर हृदय कैसे हुआ। गर्भपात जैसा भयंकर पाप भी किया। हे परत्मात्मा आज मैं तेरे सामने सारे पापों को स्वीकार करता हैं।
भस्मीभूत हुए पाप
उन्होंने कहा कि भवतारक सद्गुरु की कृपा से ज्ञात हुआ कि मैं आत्मा हूँ, ये शरीर नहीं। आत्मा के प्रक्षालन के लिए आपके समक्ष हूँ। हम क्षमा मांगते हैं। मेरे सारे पापों, अपराधों को माफ कर देना। परमात्मा के श्रीचरणों के स्पर्श का अहसास कीजिए और हमारे सारे पाप भस्मीभूत हो रहे हैं। आत्मा पाप के भार से हल्की हुई। दे दो आत्मज्ञान मुझको क्यों प्रभु तड़पाते हो, हे परमात्मा हमारी चुनरिया ऐसे रंग से रंग दो जिसका रंग कभी न छूट पाए, अरिहंता मेरी रंग दे चुनरिया ज्ञान रंग से रंगा देना। तूने मुझे बुलाया सीमंदर मैं आया मैं आया सीमंदर, सेवा पूजा कर नहीं पाया तू किस्मत का मारा.. जैसे भजन सुनाए।
विदाई के समय नेत्र हुए सजल
श्री जैन श्वेतांबर मूर्तिपूजक श्रीसंघ के अध्यक्ष राजुकमार जैन और दादाबाड़ी ट्रस्ट के सचिव महेन्द्र जैन ने साध्वी महाराज से प्रार्थना की कि अगला चातुर्मास यहीं पर करें। सभी ने खड़े होकर इसका अनुमोदन किया। साध्वी ने कहा कि जैसा गुरु कहेंगे, वैसा ही करेंगे। ज्योतिषाचार्य शिल्पा जैन ने विहार साध्वी के प्रस्थान किए जाने के संबंध में भजन के माध्यम से पूछा कि फिर कब आओगे। इसके प्रत्युत्तर में साध्वी ने कहा- चलते-चलते ये मेरे गीत याद रखना कभी अलविदा न कहना। इस दौरान उनकी आँखें नम थीं। अंत में विहार से पूर्व महेन्द्र जैन और रीटा ललवानी ने कहा- जाओ न हे ज्ञानी गुरुवर यूं हमें पथ पर छोड़कर..। इस दौरान भी अनेक श्राविकाओं के नेत्र सजल हो गए।

ये रहे उपस्थित
इस मौके पर विनय वागचर, रोबिन, प्रेम ललवानी, राजकुमार जैन, महेन्द्र जैन, वीरचंद गादिया, सुनील कुमार जैन, संदेश जैन, अर्पित, निखिल जैन, अशोक ललवानी, अंकित, अजय ललवानी, कमलचंद जैन, सुनील वैद, विमल जैन, दुष्यंत लोढ़ा, देवेन्द्र गांधी, शांता जैन, नीलिमा सेतिया, उषा वैद की उपस्थिति उल्लेखनीय रही। कार्यक्रम का लाभार्थी परिवार संदेश वंश एवं सकलेचा परिवार रहा।
- Δημιουργία Προφίλ στο Sava Spins Casino Βήμα προς Βήμα στην Ελληνική Επικράτεια - September 27, 2026
- Lucky Dreams Casino : Apprenez à connaître les fonctionnalités et les top jeux au Canada - September 26, 2026
- Habits Before Spinning Fishin Frenzy Slot Famous in UK - September 25, 2026