
आगरा। बच्चों के जीवन और भविष्य की सुरक्षा के लिए टीकाकरण सबसे प्रभावी तरीकों में से एक है। ऐसे में समय पर टीकाकरण कराना बहुत ज़रूरी है और इसके लिए टीकाकरण के पश्चात दिए जाने वाले चार संदेशों पर अभिभावकों को विशेष ध्यान देना चाहिए।
प्रकाश नगर निवासी अर्चना बताती है कि उनका एक वर्ष का बेटा है। उन्होंने जन्म के बाद से ही अपने बच्चे का पूरा टीकाकरण समय से कराया है। समय-समय पर सुनीता आशा कार्यकर्ता, सुदामा एएनएम दीदी, यूनिसेफ की बीएमसी शाहिना परवीन द्वारा टीकाकरण से संबंधित संदेशों के बारें में बताया गया। टीकाकरण कार्ड को संभाल के रखने के लिए बोला गया, जिससे बच्चे को सही समय पर टीका लग जाए। उनके बच्चे को खसरे का टीका भी लग चुका है। वह बताती है कि बाकी टीके भी वह समय पर लगवा लेंगी।
जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. संजीव वर्मन ने बताया कि अभिभावकों को बच्चों का टीकाकरण कराने पश्चात दिए जाने वाले चार संदेशों का ध्यान रखना चाहिए। पहला, बच्चे को कौन-सा टीका दिया गया है और यह किस बीमारी से बचाता है। दूसरा, अगले टीकाकरण के लिए के लिए कब और कहां आना है। तीसरा मामूली साइड इफेक्ट्स क्या हैं और उनके साथ कैसे निपटें। चौथा, टीकाकरण कार्ड को सुरक्षित रखना है और अगले टीकाकरण पर इसे लाना है। डॉ. वर्मन ने बताया कि इन चार संदेशों का ध्यान रखेंगे तो न कोई टीका छूटेगा और न ही कोई परेशानी होगी।
मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ अरूण श्रीवास्तव ने बताया कि बच्चों को 11 जानलेवा बीमारियों से बचाने के लिए शून्य से सात साल तक टीकाकरण किया जाता है। हर मां चाहती है कि उसके बच्चा हमेशा स्वस्थ रहे, इसलिए शुरू से ही उसके टीकाकरण पर ध्यान देना ज़रूरी है।
- बाल रोग विशेषज्ञ डॉक्टर जे एन टंडन ने अपने पिता कामरेड महादेव नारायण टंडन के बारे में यह क्या कह दिया - April 28, 2026
- जनतंत्र में शिक्षा शास्त्र: लोकतंत्र के प्रहरी तैयार करने का ऐतिहासिक संकल्प, महादेव नारायण टंडन को श्रद्धांजलि - April 28, 2026
- गाय को राष्ट्र माता घोषित कराने के लिए एक ही दिन 5000 तहसीलदारों को ज्ञापन - April 28, 2026