Noida (Uttar Pradesh, India)। विकासखंड दादरी के ग्राम चिटहैरा में जिलाधिकारी सुहास एल वाई ने सोमवार को राष्ट्रीय पोषण माह का शुभारंभ किया। जिलाधिकारी ने प्राथमिक विद्यालय परिसर में स्थापित पोषण वाटिका में सहजन का पौधा रोपित किया। उन्होंने मौके पर उपस्थित महिलाओं से बच्चों के जीवन के प्रारंभिक 1000 दिनों के महत्व की चर्चा की। जिलाधिकारी ने कार्यक्रम में उपस्थित महिलाओं से वार्तालाप कर उन्हें बच्चों की उचित प्रकार से परवरिश करने की सलाह प्रदान की। उन्होंने माताओं का आह्वान किया कि वह अपने बच्चों के पोषण पर विशेष ध्यान दें। इस अवसर पर जिलाधिकारी ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के कार्य दायित्व से संबंधित एक लघु वीडियो फिल्म को भी लांच किया। इसका प्रचार प्रसार सोशल मीडिया पर किया जाएगा, जिससे आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का उत्साह बढ़े और जनमानस में आंगनबाड़ी द्वारा प्रदान की जाने वाली सेवाओं की जानकारी बढ़ सके। इस वीडियो को एचसीएल तथा कोटेशन फाउंडेशन के सहयोग से तैयार कराया गया। समारोह में उपस्थित सद्रक संस्था के प्रतिनिधि द्वारा गर्भवती एवं धात्री महिलाओं के प्रयोग के लिए 3000 मास्क भी जिला कार्यक्रम अधिकारी को उपलब्ध कराए गए। इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी अनिल कुमार सिंह, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, जिला पंचायत अधिकारी उपस्थित रहे।
जिला कार्यक्रम अधिकारी पूनम तिवारी ने बताया हर वर्ष सितम्बर माह को पोषण माह के रूप में मनाया जाता है। कोविड के चलते इस बार परिस्थितियां कुछ बदली हुई हैं। कोविड प्रोटोकाल का पालन करते हुए आंगनबाड़ी कार्यकर्ता गृह भ्रमण के दौरान धात्री महिलाओं को बच्चों के पोषण के प्रति जागरूक करेंगी। जनपद में चिन्हित अति कुपोषित और कुपोषित बच्चों की मॉनीटरिंग की जाएगी। उन्होंने बताया आंगनबाड़ी कार्यकर्ता माता-पिता को कुपोषित और अतिकुपोषित बच्चों के स्वास्थ्य सुधार के लिए परामर्श देंगी और उन्हें व्यवहार परिवर्तन के बारे में बताएंगी। उन्हें बताया जाएगा कि किस तरह से बच्चों की देखभाल करनी है। उन्होंने बताया जनपद में इस समय शून्य से पांच वर्ष तक के करीब 110965 बच्चे हैं। इनमें अति कुपोषित बच्चों की संख्या 1383 है। 11213 बच्चे कुपोषित चिह्नित किये गये हैं।
उन्होंने बताया अभियान का मुख्य उद्देश्य जन आंदोलन और जनभागीदारी से कुपोषण को मिटाना है। इस वर्ष पोषण माह-2020 दो मुख्य उद्देश्यों पर आधारित है। पहला अति कुपोषित बच्चों को चिह्नित और उनकी मॉनिटरिंग करना, दूसरा किचन गार्डन को बढ़ावा देना। प्रदेश स्तर पर इस वर्ष पोषण माह के दौरान में विभिन्न गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा। पोषण माह के दौरान आयोजित की गई गतिविधियों की दैनिक प्रविष्टि भारत सरकार के जन आंदोलन पोर्टल पर की जाएगी। इस माह के दौरान धात्री माताओं को सुपोषण के प्रति जागरूक और उत्साहित किया जाएगा। जिला कार्यक्रम अधिकारी ने बताया कि गर्भवती महिलाओं के आहार में हरी साग सब्जी और फल शामिल करने को प्रोत्साहित करने के लिए आंगनबाड़ी केंद्रों, विद्यालयों, शासकीय परिसरों में पोषण वाटिकाएं विकसित करने पर जोर दिया जाएगा। भूमि के अभाव में गमलों में पौधे लगाने अथवा टेरेस गार्डन को भी प्रोत्साहित किया जाएगा। उन्होंने बताया गृह भ्रमण के दौरान आंगनबाड़ी कार्यकर्ता द्वारा धात्री माताओं को पहले छह माह तक बच्चों को केवल स्तनपान कराने और छह माह बाद स्तनपान के साथ-साथ पूरक आहार देने की सलाह दी जाएगी।
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